भंडारा में पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन, बंद को मिला समर्थन
Bhandara Closed: भंडारा, पवनी और साकोली में NEET पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में सर्वदलीय प्रदर्शन और बंद आयोजित किया गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
पेपर लीक विरोध प्रदर्शन (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Paper Leak Protest: पेपर लीक प्रकरण के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सड़क पर उत्तरकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। शहर के दशहरा मैदान परिसर से मोर्चा निकलकर गांधी चौक होते हुए सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार, दिल्ली प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर इस मोर्चे का परिवर्तन एक जनसभा में हो गया। शिक्षा नीतियों के विरोध में पुकारे गए बंद के कारण मोर्चा गुजरते समय शहर की दुकानें बंद रखी गईं, जो बाद में पुनः सुचारू रूप से खुल गई।
पुलिस का कड़ा बंदोबस्त
विभिन्न संगठनों ने भंडारा बंद का आह्वान किया था। दोपहर करीब 12 बजे कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच शहर के मुख्य मार्गों से मोर्चा निकाला गया। इस दौरान देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने, नीट परीक्षा लीक मामले के दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य की परीक्षाओं में धांधली 5 रोकने जैसी विभिन्न मांगें की गई।
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बंद को व्यापारियों का समर्थन
आंदोलन में छात्रों के साथ बड़ी संख्या में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए, मोर्चे के मार्ग पर स्थित बाजार कुछ समय के लिए बंद रखकर व्यापारियों ने अपना समर्थन दिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के हर चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मोर्चे के साथ अतिरिक्त पुलिस बल, दमकल गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात रखी गई थीं।
पवनी में सर्वदलीय विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में पवनी शहर में सर्वदलीय विरोध मार्च निकाला गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मार्च में शामिल होकर घटना की निंदा की तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मार्च की शुरुआत दोपहर 12 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से हुई विरोध मार्च छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से आंबेडकर चौक और गांधी चौक होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार सतीश सालवे को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगों से अवगत कराया।
कई दलों ने किया प्रदर्शन
इस अवसर पर मोहन पंचभाई, धर्मेंद्र नन्दरधने, मोहित मोहरकर, शंकर तेलमासरे, सैय्यद तबरेज, मीना जिभकाटे, नितिन तलमले, माधुरी तलमले, डॉ। सुनील जीवनतारे, धारघाटे, शालिनी मयूर, अरविंद अंबादे, किशोर तलमले, दिनेश तलमले, शारिक शेख सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे प्रदर्शन में इंडियन नेशनल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), वंचित बहुजन आघाड़ी तथा अंबेडकर राइट संघर्ष पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
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साकोली में बंद शतप्रतिशत सफल
साकोली बंद के दौरान शहर में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाया रहा। नए बस स्टैंड के पास से सेदुरवाफा साकोली तक मोर्चा निकाला गया। बंद के समर्थन में पुरानी तहसील कार्यालय के सामने सर्वदलीय सभा का आयोजन किया गया। सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रमुख नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सर्वदलीय सभा के पश्चात सभी दलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार शामराव शेंडे के माध्यम से उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए संबंधित ज्वलंत मुद्दों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए उन पर त्वरित और उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। बंद के चलते शहर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही, किसी भी अप्रिय घटना की सूचना न मिलने से साकोली बंद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
