नीट परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी रोष; पेपर लीक के कारण दोबारा परीक्षा का संकट
Bhandara News: नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद परीक्षा रद्द होने की खबरों से भंडारा जिले के 1700 से अधिक विद्यार्थियों में तनाव। अभिभावकों और विशेषज्ञों ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर उठाए सवाल।
- Written By: रूपम सिंह
नीट विद्यार्थियों (सोर्स: नवभारत फाईल फोटो)
Bhandara NEET 2026 Paper Leak: मेडिकल प्रवेश के लिए देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट नीट अब विद्यार्थियों को दोबारा देनी पड़ सकती है। पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
इस फैसले से महीनों की मेहनत करने वाले विद्यार्थियों में तनाव का माहौल है, वहीं अभिभावकों ने भी तीव्र नाराजगी जताई है। भंडारा जिले में रविवार, 3 मई को चार केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। इनमें जे। एम। पटेल कॉलेज, आर. एम. पटेल कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय जवाहरनगर तथा अरुण मोटघरे महाविद्यालय शामिल थे।
इस परीक्षा के लिए जिले से कुल 1790 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1741 छात्र उपस्थित रहे, जबकि 49 छात्र अनुपस्थित रहे थे। अब पेपर लीक प्रकरण के कारण इन सभी विद्यार्थियों को फिर से परीक्षा देनी पड़ सकती है।
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दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
डॉ. विक्रम राखड़े ने कहा कि, 2024 में भी नीट परीक्षा के दौरान पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे मामले बारबार क्यों हो रहे हैं जिन केंद्रों पर पेपर लीक हुआ है, केवल वहीं पुनर्परीक्षा ली जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न कर सके।
पुनर्परीक्षा अंतिम समाधान नहीं
डॉ. प्रशांत पडोले ने कहा कि, देशभर के लाखों विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत, मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ सहकर नीट की तैयारी की है। केवल परीक्षा दोबारा लेना इस समस्या का समाधान नहीं है। विद्यार्थी और अभिभावक जिस मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसकी भरपाई सरकार कैसे करेगी।
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विद्यार्थियों ने भी जताई चिंता
नीट अभ्यर्थी कशफ इनाम खान पठाण ने कहा कि, मुझे हाल ही में परीक्षा रद्द होने की जानकारी मिली। वर्तमान स्थिति बेहद भ्रमपूर्ण है, लेकिन प्रशासन जो भी अंतिम निर्णय ले, वह केवल विद्यार्थियों के भविष्य और शैक्षणिक हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।
ईमानदार विद्यार्थियों का नुकसान न हो
सिद्धांत रंजीत सिंगाडे ने कहा कि, रातदिन मेहनत करने वाले ईमानदार भंडारा विद्यार्थियों का नुकसान नहीं होना चाहिए। मेहनत को न्याय मिलना हमारा अधिकार है। सरकार को ऐसी सुरक्षित परीक्षा प्रणाली तैयार करनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और गुणवत्ता का सम्मान बना रहे।
