नांदेड-करांडला सड़क निर्माण में अनियमितताओं का आरोप, ग्राम पंचायत ने उठाए सवाल
Nanded Karandla Road Issue News: भंडारा जिले में नांदेड-करांडला सड़क निर्माण कार्य में घटिया निर्माण और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Bhandara road construction (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Road Construction News: लाखांदुर तहसील के अंतर्गत दिघोरी मोठीबड़ी परिसर में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत चल रहे नांदेड से करांडला सड़क निर्माण कार्य पर अब सीधे नांदेड ग्रापं ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। इससे लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। करीब 45 लाख रुपये की सरकारी निधि से हो रहे इस सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल, मंजूर एस्टीमेट में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता की शिकायत ग्रापं ने लोक निर्माण विभाग भंडारा के कार्यकारी अभियंता से की है।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार नांदेड से करांडला सड़क का मजबूतीकरण और डामरीकरण का काम मंजूर किया गया था, लेकिन वास्तविकता में कई जगहों पर केवल गिट्टी बिछाकर काम निपटा दिया गया है। सड़क के बहुत ही छोटे हिस्से में सीमेंट कांक्रीटिंग की गई है और मुख्य डामरीकरण के काम को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है।
45 लाख की सड़क परियोजना में घटिया काम का आरोप
ग्रापं का आरोप है कि कागजों पर मंजूर काम और जमीन पर चल रहे वास्तविक काम में भारी अंतर है।
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साइनबोर्ड भी बढ़ा रहा संदेह
निर्माण स्थल पर लगाए गए सरकारी सूचना पट्ट साइनबोर्ड और विभागीय स्तर से मिलने वाली जानकारी में भी बड़ी विसंगति देखने को मिली है। सूचना पट्ट पर काम की कुल लागत और बजट का विवरण जानबूझकर खाली छोड़ दिया गया है।
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इसके अलावा वह बोर्ड भी बेहद लापरवाही से एक तरफ फेंकी हुई स्थिति में मिला है। इससे विभाग की मंशा पर संदेह और गहरा गया है। उखड़ने लगी सड़क, आ गई दरारेंसड़क निर्माण के दौरान मजबूती के लिए आवश्यक रोलिंग सही तरीके से नहीं की गई, जिसके कारण नई बनी सड़क अभी से कई जगहों पर उखड़ने लगी है।
इसके साथ ही जो सीमेंट कांक्रीट का रास्ता बनाया गया है, उसमें भी बड़ी दरारें आ गई हैं। इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए जब ग्रापं के प्रतिनिधियों ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से काम का विवरण मांगा, तो अधिकारियों ने टालमटोल करते हुए सूचना के अधिकार के तहत आवेदन करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
जांच नहीं कराने पर करेंगे आंदोलन
नांदेड ग्राम पंचायत सरपंच अरुण बावनकर ने कहा कि 14 मई को लाखांदुर के तहसीलदार के माध्यम से सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को आधिकारिक शिकायत पत्र भेजा गया है। इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीणों की ओर से तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा और इससे उत्पन्न होने वाली स्थिति के लिए पूरी तरह से प्रशासन जिम्मेदार होगा।
