भंडारा नगर परिषद चुनाव में मचा सियासी घमासान (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bhandara Politics: भंडारा नगर परिषद के आगामी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 10 नवंबर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पाँच दिन बीत चुके हैं और पाँचवें दिन नामांकन भरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली। अभी तीन दिन और शेष हैं। विशेष बात यह है कि अब तक कोई भी उम्मीदवार आधिकारिक रूप से मैदान में नहीं उतरा है, लेकिन संभावित अधिकृत उम्मीदवार अपने दस्तावेजों और समर्थक टीमों के साथ नामांकन दाखिल करने की तैयारी कर चुके हैं। माना जा रहा है कि वे नामांकन के दौरान पूरी ताकत लगा देंगे।
प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है। इस बीच चुनावी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान का आगाज़ कर दिया है। भाजपा, शिवसेना, दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार में झोंक दिया है और घर-घर संपर्क अभियान तेज कर दिया है। गली-मोहल्लों से लेकर वार्ड स्तर तक छोटी-बड़ी सभाओं का दौर शुरू हो चुका है। नेता जनता से सीधा संवाद साध रहे हैं।
भंडारा में इस बार भाजपा, शिवसेना, राष्ट्रवादी और कांग्रेस के बीच कड़े बहुकोणीय मुकाबले के आसार हैं। सभी दलों में टिकट की दावेदारी को लेकर जबरदस्त खींचतान जारी है। अधिकांश दलों में कई इच्छुक उम्मीदवारों ने अपने-अपने नेताओं से संपर्क साध लिया है और टिकट की दौड़ में पूरी ताकत लगा रहे हैं।
दूसरी ओर, कुछ अन्य राजनीतिक दलों की चुप्पी और निष्क्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बार ये दल चुनावी मैदान से गायब नज़र आ रहे हैंन तो कोई रणनीति दिख रही है और न ही सक्रियता। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि ये दल अंतिम समय में मैदान में उतर सकते हैं।
भाजपा, शिवसेना और कांग्रेस ने प्रचार अभियान तेज करने के साथ बूथ स्तर पर समीकरण मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार भी माहौल भांपते हुए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं और कई क्षेत्रों में संभावित गठबंधनों की चर्चाएं तेज हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में, जब नामांकन पूरी तरह दाखिल हो जाएंगे, तब भंडारा नगर परिषद चुनाव का असली राजनीतिक ‘ड्रामा’ सामने आएगा। फिलहाल शहर की गलियों में सिर्फ एक ही चर्चा है। इस बार नगर परिषद की कुर्सी पर कौन काबिज होगा?