Bhandara Protest News: भंडारा जिला सामान्य अस्पताल भंडारा में प्रशिक्षु नर्सिंग छात्राओं से सफाई कार्य कराए जाने के वायरल वीडियो मामले में नर्सिंग स्कूल ट्यूटर रेखा मेश्राम को जांच समिति द्वारा दोषमुक्त ठहराए जाने के बावजूद उनके स्थानांतरण के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर नागपुर में उपसंचालक, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।
मामले के अनुसार, भंडारा जिला अस्पताल में प्रशिक्षु नर्सिंग छात्राओं द्वारा वार्ड में बेड और दीवारें साफ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच समिति ने इस प्रकरण में ट्यूटर रेखा मेश्राम को निर्दोष करार दिया, लेकिन इसके बावजूद जिला शल्य चिकित्सक द्वारा उनका स्थानांतरण कर दिया गया।
इस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ (आरोग्य विभाग शाखा) ने पहले भंडारा जिला शल्य चिकित्सक को निवेदन सौंपा, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सामान्य अस्पताल भंडारा में एक दिवसीय धरना भी दिया गया।
आरोप है कि आंदोलन के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए उनके स्थानांतरण और विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई। इससे कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया, जिसके चलते नागपुर में परिमंडल कार्यालय के सामने प्रदर्शन आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आंबीटकर को ज्ञापन सौंपकर भंडारा के जिला शल्य चिकित्सक को पद से हटाने की मांग की।
धरना प्रदर्शन में प्रदेशाध्यक्ष प्रेमराज बोबडे, महासचिव अविनाश शेंडे, मंजूषा गेडाम, वैशाली राऊत, मेघा मेश्राम, दिलीप खराबे, विशाखा डबरासे, सीमा फुलमाली, विशाखा कोडापे, कुशाल बैसारे, सुस्मित चव्हाण, निखिल कापगाते, शीतल रामटेके, प्रो. हस्ते, अनिल नागरे, भीमराव लांजेवार, रायबान दहाट, म्हैसकर सहित कई कर्मचारी उपस्थित थे।