नरभक्षक बाघिन का आतंक, 100 से अधिक वनकर्मी, ड्रोन और शार्पशूटरों की टीम तलाश में जुटी, ग्रामीण दहशत में
नरभक्षक बाघिन के हमलों से दहशत, 100 वनकर्मी सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उपाय किए हैं।
Bhandara Forest Department: साकोली तहसील के बाम्पेवाड़ा, उमरझरी और आमगांव खुर्द परिसर में एक नरभक्षक बाघिन ने भारी कोहराम मचा रखा है। पिछले 15 दिनों के भीतर हुए सिलसिलेवार हमलों ने पूरे इलाके में दहशत का साम्राज्य फैला दिया है।
इस नरभक्षी बाघिन ने अब तक दो ग्रामीणों को अपना निवाला बना लिया है, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल है। वन विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाने के बावजूद बाघिन हाथ नहीं लग रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बाघिन की दहशत के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है।
भीषण गर्मी के इस मौसम में किसान अपनी फसलों को पानी देने के लिए खेतों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है। महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। खेती के काम ठप्प होने से खेतिहर मजदूरों के सामने रोजीरोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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वन विभाग की मेगा खोज मुहिम बाघिन को कैद ट्रैंकुलाइज करने के लिए वन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। साकोली वन विभाग के 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी दिनरात गश्त कर रहे हैं। इस मुहिम में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें ड्रोन कैमरे, जगहजगह लगाए गए पिंजरे और विशेष टीम के शार्पशूटर शामिल हैं।
हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन हमला करने के बाद उस स्थान पर दोबारा नहीं लौट रही है, जिससे उसका सटीक लोकेशन ट्रेस करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सतर्क रहने की अपील वन विभाग की ओर से प्रभावित गांवों में मुनादी दवंडी करवाकर और प्रत्यक्ष भेंट देकर जनजागृति की जा रही है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अकेले जंगल या खेत में न जाएं। समूह में चलते समय अपने पास लाठी या शोर करने वाले साधन रखें। विशेष रूप से रात के समय घरों से बाहर निकलने से बचने का आह्वान किया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने और वन विभाग की टीम को सहयोग करने की अपील की है।
