भंडारा में खरीफ बुआई की धीमी रफ्तार, अब तक केवल 7% क्षेत्र में हुई खेती
Kharif Sowing 2026: भंडारा जिले में बारिश की कमी के कारण खरीफ 2026-27 सीजन में अब तक केवल 7% क्षेत्र में बुआई हो सकी है। पवनी तहसील सबसे आगे है, जबकि तुमसर सबसे पीछे।
Kharif Sowing (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Agriculture News: भंडारा जिले में खरीफ सीजन 202627 की बुआई शुरू हो चुकी है, लेकिन बारिश की धीमी रफ्तार के कारण अब तक केवल 7 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुआई हो सकी है। कृषि विभाग की 6 जुलाई की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस वर्ष कुल 1 लाख 87 हजार 379 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक केवल 12 हजार 346 हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुआई और रोपाई पूरी हो पाई है।
सर्वाधिक बुवाई पवनी तहसील में दर्ज की गई है, जबकि तुमसर सबसे पीछे है। भंडारा जिले की पहचान धान उत्पादक जिले के रूप में है। इस वर्ष जिले में 1 लाख 74 हजार 985 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक केवल 7 हजार 448 हेक्टेयर यानी करीब 4 प्रतिशत क्षेत्र में धान की बुआई और रोपाई हुई है। इसमें 5 हजार 524 हेक्टेयर में सीधी बुआई तथा 1 हजार 924 हेक्टेयर में रोपाई की गई है।
भंडारा कृषि अपडेट: धान की नर्सरी तैयार
हालांकि मुख्य रोपाई के लिए किसान तेजी से धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। जिले में अब तक 13 हजार 284 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी तैयार की जा चुकी है। पर्याप्त वर्षा होने के बाद इन पौधों की खेतों में रोपाई का कार्य तेजी पकड़ने की उम्मीद है। तहसीलवार बुआई की स्थिति कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के सातों तहसीलों में बुआई की स्थिति अलगअलग है।
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लेकिन बुआई सिर्फ 7% क्षेत्र में
| तहसील | बुआई क्षेत्र (हेक्टेयर) | बुआई प्रतिशत |
|---|---|---|
| पवनी | 3,078 हेक्टेयर | 10% |
| लाखनी | 2,040 हेक्टेयर | 9% |
| लाखांदुर | 2,056 हेक्टेयर | 7% |
| भंडारा | 1,612 हेक्टेयर | 6% |
| साकोली | 1,120 हेक्टेयर | 6% |
| मोहाडी | 1,410 हेक्टेयर | 5% |
| तुमसर | 1,030 हेक्टेयर | 4% |
कृषि विभाग ने जारी की रिपोर्ट
इसमें 205 हेक्टेयर में सीधी बुआई तथा 3 हजार 569 हेक्टेयर में मेड़ों पर पौधरोपण किया गया है। तिलहन एवं दलहन के अलावा 232 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन सहित कुल 238 हेक्टेयर में अन्य फसलों की बुआई हुई है। कपास की खेती 567 हेक्टेयर में की गई है, जिसमें सबसे अधिक 386 हेक्टेयर पवनी तथा 108 हेक्टेयर भंडारा तहसील में है। मसाला फसलों का रकबा 98 हेक्टेयर है, जिसमें 75 हेक्टेयर में मिर्च तथा 23 हेक्टेयर में अदरक की खेती की गई है।
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जिले में 177 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की खेती हुई है, जिसमें लाखनी तहसील सबसे आगे है। इसके अलावा मक्का की बुआई 6 हेक्टेयर तथा गन्ने की खेती 12 हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज की गई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्षा की रफ्तार बढ़ने के बाद ही खरीफ बुवाई का कार्य तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
