भंडारा में शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ पूर्व पुलिसकर्मियों का हल्लाबोल, 20 अप्रैल से आमरण अनशन
Bhandara News: भंडारा में शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है। मांग पूरी न होने पर 20 अप्रैल से सामूहिक अनशन की चेतावनी दी गई है।
Bhandara Illegal Construction News: भंडारा शहर के नझुल सीट क्रमांक 51, भूखंड क्रमांक 5 स्थित शासकीय भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ओर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी कल्याण संघ इस स्थान पर मनोरंजन केंद्र बनाने की प्रक्रिया में जुटा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व पुलिसकर्मियों ने यहां हो रहे पक्के निर्माण को अवैध कब्जा बताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अप्रैल तक निर्माण कार्य बंद नहीं कराया गया, तो वे सामूहिक रूप से आमरण अनशन शुरू करेंगे। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस भूमि पर मनोरंजन केंद्र के लिए प्रयासरत हैं और अब तक विभिन्न विभागों से 9 अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी प्राप्त कर चुके हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 13 अप्रैल की रात से जिला परिषद सदस्य यशवंत सोनकुसरे, ठेकेदार फाले तथा गणेशपुर महिला मंडल की ओर से यहां अवैध रूप से पक्का निर्माण शुरू किया गया। जब कार्य रोकने का प्रयास किया गया, तो जिलाधिकारी की अनुमति होने की बात कही गई, लेकिन कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
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इस मामले को लेकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, तहसीलदार और उपविभागीय अधिकारी से मुलाकात कर निर्माण कार्य रोकने की मांग की। आरोप है कि अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिया गया, जबकि मौके पर निर्माण कार्य जारी है। राजस्व विभाग की कथित टालमटोल नीति से नाराज पूर्व अधिकारियों ने अब आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है।
वहीं, इस संबंध में यशवंत सोनकुसरे ने कहा कि यह विकास कार्य विधायक परिणय फुके की स्थानीय विकास निधि से स्वीकृत है और निर्माण शासन के नियमों के तहत ही किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक जनप्रतिनिधि के रूप में केवल भूमिपूजन कार्यक्रम में उपस्थित थे।
