संसद के बाहर सांसद प्रशांत पडोले का विरोध प्रदर्शन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
MP Prashant Padole Protest: भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. प्रशांत पडोले द्वारा धान उत्पादक किसानों के बकाया भुगतान को लेकर छेड़े गए आंदोलन को आखिरकार सफलता मिल गई है। खरीफ सत्र 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी के लंबित भुगतान किसानों के बैंक खातों में जमा होने शुरू हो गए हैं। इससे जिले के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
धान खरीदी के बावजूद भुगतान न होने से किसान आर्थिक संकट में फंस गए थे। इस मुद्दे को लेकर सांसद पडोले ने लोकसभा में आक्रामक रुख अपनाया। संसद में बोलने का अवसर न मिलने पर उन्होंने संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर आंदोलन किया था। किसानों के न्यायोचित अधिकारों के लिए उन्होंने निलंबन की कार्रवाई झेलने की भी तैयारी दिखाई।
उनके लगातार प्रयासों और दबाव के चलते प्रशासन ने मामले में तेजी दिखाई। महाराष्ट्र राज्य सहकारी विपणन महासंघ की 7 फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 31 लाख 51 हजार 897 क्विंटल धान की खरीदी की गई, जिसकी कुल कीमत 746 करोड़ 68 लाख रुपये है।
इसमें से अब तक 194 करोड़ 1 लाख रुपये का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है। जिले के कुल 87 हजार 954 पात्र किसानों में से 68 हजार 614 किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि जमा हो चुकी है। शेष किसानों के भुगतान भी शीघ्र किए जाने का आश्वासन संबंधित विभाग द्वारा दिया गया है।
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लंबे समय से बकाया राशि की प्रतीक्षा कर रहे किसानों में अब संतोष का माहौल है। किसानों ने संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उनके हितों के लिए संघर्ष करने पर सांसद डॉ. प्रशांत पडोले का आभार व्यक्त किया है। बकाया राशि मिलने से किसानों की आर्थिक तंगी कुछ हद तक दूर होने की उम्मीद है।