किसानों की कर्जमाफी (AI Gernerated Image)
Yavatmal Co-operative Bank: सेवा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से वितरित किए गए कृषि ऋण के बकाया खातों से संबंधित जानकारी जुटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू है। इसके लिए छुट्टी के दिनों में भी जिला बैंक की शाखाएं, विकास संस्थाएं तथा सहकार विभाग के कार्यालय खुले रखे गए हैं। अगले दो दिनों में सभी बैंकों को यह जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी है।
‘किसान कर्जनिवारण योजना’ के लिए प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिले की सेवा सहकारी संस्थाओं में कुल 1 लाख 32 हजार 119 बकाया किसान सदस्य हैं। इन पर 775 करोड़ रुपये की मूलधन राशि और करीब 640 करोड़ रुपये का ब्याज बकाया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में यदि कर्जमाफी की घोषणा होती है, तो लाभ के लिए आधार कार्ड और फार्मर आईडी अनिवार्य होगी।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई किसान आवश्यक दस्तावेज देने में उदासीन नजर आ रहे हैं। कहीं जानकारी के अभाव में तो कहीं तकनीकी समस्याओं के कारण यह प्रक्रिया अटकी हुई है। इसके चलते सेवा सहकारी संस्थाओं पर जानकारी संकलन का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। बार-बार सूचना देने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की शिकायत संस्था प्रतिनिधियों ने की है।
यदि समय रहते जानकारी एकत्र नहीं की गई, तो जरूरतमंद किसानों को कर्जमाफी से वंचित रहना पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन, सहकारी संस्थाओं और बैंकों की ओर से किसानों से अपील की जा रही है कि वे अपना आधार नंबर, फार्मर आईडी जल्द से जल्द जमा करें।
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भले ही सरकार ने अभी तक कर्जमाफी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन जिस तरह से जानकारी संकलन की मुहिम तेज की गई है, उससे आने वाले समय में बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आधार कार्ड और फार्मर आईडी का अभाव किसानों के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।
जिन बकाया कर्जदार किसान सदस्यों ने अब तक अपना आधार कार्ड, फार्मर आईडी और अन्य आवश्यक जानकारी सहकारी संस्था या बैंक शाखा में जमा नहीं की है, वे तुरंत यह जानकारी दें।