Financial Fraud: भंडारा में फर्जी एनओसी बनाकर दोबारा लिया लोन, एक ही परिवार पर धोखाधड़ी का केस
Fake NOC: भंडारा में पहले से गिरवी रखी संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर दोबारा लोन लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों पर लाखों की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Bhandara Financial Fraud Case: एक पतसंस्था में पहले से ही कानूनी रूप से गिरवी रखी गई संपत्ति पर जाली दस्तावेज तैयार कर दूसरे फाइनेंस बैंक से दोबारा लोन उठाने और पतसंस्था को लाखों रुपये का चूना लगाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में भंडारा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
साल 2020 से चल रहा था धोखाधड़ी का खेल
भंडारा पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी धोखाधड़ी 17 अक्टूबर 2020 से लेकर अब तक के कालखंड के दौरान बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दी गई। गोपीवाड़ा निवासी तेजेन्द्र गुरुकुमार पंचबुधे (43), जो ‘मां जिजाऊ महिला नागरिक सहकारी पतसंस्था’ में बतौर व्यवस्थापक कार्यरत हैं, उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
प्लॉट पहले से था बंधक, मालिक की मौत के बाद वारिसों ने रची साजिश
शिकायत के अनुसार, संत कबीर वार्ड निवासी श्रीकांत मधुकर नंदनवार ने पतसंस्था से लोन लेते समय भंडारा नजूल के अंतर्गत आने वाले गट क्रमांक 142, 143, 144, 145, 3/2 में स्थित प्लॉट क्रमांक 22 को कानूनी रूप से गिरवी (बंधक) रखा था। श्रीकांत नंदनवार की मृत्यु के पश्चात उनकी 45 वर्षीय पत्नी, 26 वर्षीय बेटी और 25 वर्षीय बेटे अक्षय श्रीकांत नंदनवार ने इस संपत्ति पर आधिकारिक रूप से अपना नाम चढ़वा लिया।
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यह संपत्ति मां जिजाऊ पतसंस्था के पास पहले से बंधक होने के बावजूद इन तीनों आरोपियों ने आपसी सांठगांठ कर पतसंस्था का एक हूबहू फर्जी लेटरपैड तैयार कर लिया।
फर्जी मोहर और नकली हस्ताक्षर से बनाई एनओसी
इन तीनों आरोपियों ने इस जाली लेटरपैड पर पतसंस्था के अध्यक्ष और व्यवस्थापक के फर्जी सिक्कों (मोहर) का उपयोग किया और उनके नकली हस्ताक्षर बनाकर एक फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) तैयार कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने इस फर्जी एनओसी को असली के रूप में पेश करते हुए ‘चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड, भंडारा’ से दोबारा लोन पास करवा लिया।
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इस चालाकी से आरोपियों ने पतसंस्था को बिना भनक लगे 4,91,600 रुपये का चूना लगाते हुए बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम दिया। व्यवस्थापक तेजेन्द्र पंचबुधे की शिकायत पर भंडारा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
