

Highlights
भंडारा जिले में किसान कर्जमाफी योजना के तहत पात्र किसानों की सूची प्रकाशित की गई है।
अब तक इतने किसानों को कर्जमाफी का प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है।
लंबित किसानों में से 1,845 के पास आवश्यक फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं है।
Bhandara Farmer Loan Waiver Scheme 2026: राज्य सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 के अंतर्गत भंडारा जिले में पात्र किसानों को राहत पहुंचाने का कार्य तेजी से जारी है। योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए हाल ही में जिलाधिकारी सावनकुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें योजना के क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े और भावी रणनीतियां साझा की गई।
जिले में अब तक कुल 26 हजार 742 पात्र किसानों की सूची प्रकाशित की जा चुकी है। इसमें से 23 हजार 44 किसानों ने सफलतापूर्वक आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। वर्तमान तक जिले के 18 हजार 430 किसानों को कर्जमाफी का प्रत्यक्ष लाभहस्तांतरित किया जा चुका है। हालांकि, 3 हजार 698 पात्र किसानों का आधार प्रमाणीकरण अभी भी लंबित है, जिसे जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
योजना से जुड़ी किसानों की समस्याओं और आपत्तियों को हल करने के लिए गठित शिकायत निवारण समिति सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। जिला स्तरीय समिति के पास ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त 204 शिकायतों में से 181 शिकायतों का सफलता पूर्वक निपटारा कर दिया गया है, जबकि 23 ऑनलाइन शिकायतें अभी प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, जिला और तहसील स्तर पर प्राप्त हुई सभी 36 ऑफलाइन शिकायतों को पूरी तरह से हल कर लिया गया है।
कर्जमाफी का लाभ प्राप्त कर चुके किसानों को कृषि गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। ऐसे 1 हजार 28 किसानों को 4 करोड़ 21 लाख रुपए का नया खरीफ फसल ऋण वितरित किया जा चुका है। प्रशासन का आगामी मुख्य लक्ष्य जिले के सभी शेष पात्र किसानों का फार्मर आईडी और आधार प्रमाणीकरण का है।
समीक्षा बैठक में यह बात उभरकर सामने आई कि जिन 3 हजार 698 किसानों का आधार प्रमाणीकरण बकाया है, उनमें से 1 हजार 845 किसानों के पास एग्रीस्टैक के अंतर्गत आवश्यक 'फार्मर आईडी' उपलब्ध नहीं है। इनमें जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक से जुड़े 1 हजार 137 किसान और राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के 708 किसान शामिल हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक तंत्र और प्रशासनिक एजेंसियों को इन किसानों की फार्मर आईडी जल्द से जल्द बनवाने के स्पष्ट निर्देश दिए है।