

नागपुर की दीक्षाभूमि में 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में।
अनुयायियों के लिए 24 घंटे पेयजल और दिन-रात सफाई की व्यवस्था।
एक डोम में करीब 500 अनुयायियों के ठहरने की सुविधा प्रस्तावित।
महिलाओं के लिए हिरकणी कक्ष और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी।
कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल निकासी, अग्निशमन और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान।
Nagpur Dikshabhoomi Dhammachakra Pravartan Diwas: नागपुर की दीक्षाभूमि में 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। महापौर नीता ठाकरे और जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अनुयायियों के लिए 24 घंटे पेयजल, दिन-रात सफाई, स्वास्थ्य सुविधाएं, ठहरने के डोम और महिलाओं के लिए हिरकणी कक्ष की व्यवस्था की जा रही है।
नागपुर, धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर दीक्षाभूमि में देश-विदेश से लाखों अनुयायी पहुंचते हैं। इसे देखते हुए नागपुर महानगरपालिका ने आवश्यक नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था तेज कर दी है। तैयारियों का जायजा लेने के बाद महापौर नीता ठाकरे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुयायियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
महापौर ने शुक्रवार को दीक्षाभूमि परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी, सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर, अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम, मुख्य अभियंता लीना उपाध्ये, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उच्चके, उपायुक्त राजेश भगत और मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेंद्र महल्ले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
समारोह में आने वाले अनुयायियों के लिए मनपा की ओर से 24 घंटे पानी की आपूर्ति, दिन-रात सफाई कर्मचारियों की तैनाती और मार्गदर्शन के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की जा रही है। ठहरने और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य भी युद्धस्तर पर जारी हैं।
मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए घनकचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन, अग्निशमन और कानून-व्यवस्था को चार प्रमुख प्राथमिकताएं बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने भी दीक्षाभूमि परिसर में तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अनुयायियों के ठहरने के लिए बनाए जा रहे डोम, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य नागरिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे ने जिलाधिकारी को तैयारियों की जानकारी दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक डोम में करीब 500 अनुयायियों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। महिलाओं की सुविधा के लिए परिसर में हिरकणी कक्ष भी बनाया जा रहा है।
बड़ी संख्या में अनुयायियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, अग्निशमन और परिसर में आवागमन की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का जोर है कि समारोह के दौरान स्वच्छता, पेयजल, ठहरने और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं सुचारू रहें।
समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में होने के बीच अब संबंधित विभागों के सामने तय समय में सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की चुनौती है।