भंडारा में अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की मांग, बिगर सातबारा किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
Bigar Satbara Farmers Organization: भंडारा जिले में बिगर सातबारा किसान संगठन ने वन और राजस्व भूमि पर खेती के लिए किए गए अतिक्रमण मामलों में त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Farmer Memorandum (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Encroachment Issue: बिगर सातबारा किसान संगठन ने राजस्व एवं वन भूमि पर खेती के लिए किए गए अतिक्रमण के मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बजाय वन विभाग स्तर पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ तो तुमसर तहसील के प्रत्येक गांव में “गांव वहीं आंदोलन” शुरू किया जाएगा। भंडारा जिला अध्यक्ष वैशाली शिरसाम के नेतृत्व में तथा तहसील सचिव राजेश बावणे ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
बिगर सातबारा किसान संगठन की मांग
ज्ञापन में मौजा मोहगांव के मामले का उल्लेख करते हुए बताया गया कि शिवदास सोमा शेंद्रे सहित 18 लोगों द्वारा वन एवं राजस्व भूमि पर खेती के लिए अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि तलाठी और क्षेत्र सहायक द्वारा किए गए संयुक्त पंचनामा में हुई है। इसके आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी, तुमसर ने एक आदेश के तहत संबंधित अतिक्रमणकारियों पर 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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अतिक्रमण मामलों का वन विभाग स्तर पर हो निपटारा
संगठन ने मांग की कि जिन अतिक्रमित जमीनों पर वर्तमान में फसल की बुआई की गई है, उनका भी तत्काल पंचनामा किया जाए। साथ ही मोहगांव मॉडल की तर्ज पर सभी मामलों में वन विभाग स्तर पर ही दंडात्मक कार्रवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जाए।
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इस दौरान शीला गौतम, रविलाल गुद्देवार, ओमप्रकाश चौधरी, फागूलाल सहारे, बाला कावड़े, सुखदास शेंडे, फागु राऊत, राहुल मेश्राम, सुभाष मेश्राम, गेदन बागड़े, उर्मिला ठाकरे, मीरा देव्हारे, फुलणबाई ठाकरे, शिलाबाई उइके, झामसिंग परतेती तथा ज्ञानेश्वर लोणकर सहित अनेक पदाधिकारी और किसान उपस्थित थे।
