नए सत्र से पहले छात्रों को मुफ्त में मिलेगा स्कूल ड्रेस, भंडारा जिले के लिए 1.33 करोड़ रुपये जारी
Free School Uniform: शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मुफ्त गणवेश वितरण की तैयारी शुरू कर दी है। जिले के 55 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए 1.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
PFMS System Student Uniform Payment Issue: नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जिला परिषद और नगर परिषद स्कूलों के पात्र विद्यार्थियों को स्कूल खुलने के पहले ही दिन मुफ्त गणवेश उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समग्र शिक्षा अभियान, राज्य शासन की विशेष योजना और पीएमश्री योजना के तहत भंडारा जिले के कुल 55 हजार 441 विद्यार्थियों के लिए पहले चरण में 1 करोड़ 33 लाख 5 हजार 840 रुपये की राशि स्कूलों को PFMS प्रणाली के माध्यम से वितरित की गई है।
ओबीसी और सामान्य वर्ग को भी मिलेगा लाभ
समग्र शिक्षा योजना से वंचित रहने वाले सामान्य और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन की विशेष योजना तथा पीएमश्री योजना के तहत गणवेश उपलब्ध कराया जाएगा। भंडारा जिले में इन दोनों वर्गों के कुल 10,352 विद्यार्थियों के लिए 24 लाख 84 हजार 480 रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें समग्र शिक्षा के तहत (जनरल और ओबीसी वर्ग) के 9,057 विद्यार्थी और पीएमश्री योजना के तहत के 1,295 विद्यार्थी शामिल हैं। इस वर्ष प्रति विद्यार्थी 240 रुपये की दर से एक गणवेश के लिए 80 प्रतिशत राशि वितरित की जा रही है।
समग्र शिक्षा के तहत 45,000 छात्रों को मिलेगा लाभ
| श्रेणी | लाभार्थी संख्या | मंजूर राशि |
|---|---|---|
| सभी छात्राएं | 26,839 | 64 लाख 41 हजार 360 रुपये |
| अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थी | 2,839 | 6 लाख 81 हजार 360 रुपये |
| अनुसूचित जनजाति (एसटी) विद्यार्थी | 2,094 | 5 लाख 2 हजार 560 रुपये |
| बीपीएल वर्ग के विद्यार्थी | 13,317 | 31 लाख 96 हजार 80 रुपये |
| कुल | 45,089 | 1 करोड़ 8 लाख 21 हजार 360 रुपये |
स्कूल तय करेंगे रंग और डिजाइन
गणवेश की खरीद और वितरण के अधिकार स्कूल प्रबंधन समितियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार ने ‘एक राज्य, एक गणवेश’ योजना को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे अब स्कूल अपने-अपने स्तर पर गणवेश का रंग और डिजाइन तय कर सकेंगे। जिन स्कूलों में स्काउट-गाइड गतिविधियां संचालित हैं, वहां एक गणवेश स्कूल का रहेगा और दूसरा गणवेश स्काउट-गाइड के नियमों के अनुसार रहेगा।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे मनपा भर्ती घोटाले के बाद बड़ा फैसला, अब हर नियुक्ति पत्र पर होगा QR कोड
जायकवाड़ी बांध का जलस्तर घटने से मराठवाड़ा में जल संकट की आहट; भीषण गर्मी में तेजी से हो रहा पानी का वाष्पीकरण
भंडारा-गोंदिया विधान परिषद सीट पर भाजपा-राकांपा में घमासान, महायुति में बढ़ा तनाव
गड़चिरोली में स्कूलों के 100 गज दायरे में तंबाकू बेचा तो होगी कार्रवाई, प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
यह भी पढ़ें:- NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: डॉ. मनोज शिरुरे के फ्लैट में लगनी थी ‘विशेष क्लास’, CBI जांच में खुली पोल
पिछली समस्याओं से सबक
पिछले वर्ष गणवेश वितरण में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें सामने आई थीं। कई स्कूलों में कपड़ा समय पर नहीं पहुंचा था, जबकि कई जगहों पर सिलाई दरों को लेकर विवाद हुए थे। इसके अलावा, विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक न होने और कई खाते निष्क्रिय होने के कारण भी भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इस वर्ष शिक्षा विभाग ने समय पर योजना पूरी करने और सभी त्रुटियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों को सत्र शुरू होते ही गणवेश उपलब्ध कराया जा सके।
