जायकवाड़ी बांध का जलस्तर घटने से मराठवाड़ा में जल संकट की आहट; भीषण गर्मी में तेजी से हो रहा पानी का वाष्पीकरण
Marathwada Water Crisis: भीषण गर्मी के कारण जायकवाड़ी बांध के पानी का वाष्पीकरण तेज, जलस्तर में लगातार गिरावट जारी। छत्रपति संभाजीनगर समेत मराठवाड़ा में जल संकट को लेकर प्रशासन अलर्ट।
- Written By: रूपम सिंह
जल संकट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Jayakwadi Dam Water Level Depletion: मराठवाड़ा के जीवनदायिनी माने जाने वाले जायकवाड़ी बांध का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। भीषण गर्मी, तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण बांध के पानी का बड़े पैमाने पर वाष्पीकरण हो रहा है। इससे प्रशासन और जल विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जायकवाड़ी बांध से ही छत्रपति संभाजीनगर शहर को पेयजल आपूर्ति की जाती है।
ऐसे में आने वाले दिनों में जल संकट की संभावना को देखते हुए अभी से पानी के नियोजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तापमान में लगातार वृद्धि होने से बांध के पानी का तेजी से वाष्पीकरण हो रहा है।
जल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी भाप बनकर उड़ रहा है, जिससे उपलब्ध जलसंचय पर असर पड़ रहा है। वर्तमान में मराठवाड़ा के कई जिलों की पेयजल योजनाएं जायकवाड़ी बांध पर निर्भर हैं। इसके अलावा कृषि, उद्योग और ग्रामीण क्षेत्रों की जल आवश्यकता भी इसी बांध से पूरी होती है।
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प्रशासन ने जल नियोजन पर दिया विशेष जोर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी प्रकार गर्मी का असर बना रहा, तो आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। बांध में उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग और सख्त जल नियोजन समय की आवश्यकता बन गया है।
प्रशासन द्वारा जलसंचय की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा पानी के उपयोग पर नियंत्रण को लेकर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक करने की अपील की है। घरों में पानी की बर्बादी रोकने, अनावश्यक उपयोग से बचने और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया है।
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प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। जायकवाड़ी बांध मराठवाड़ा क्षेत्र की प्रमुख जल परियोजनाओं में से एक माना जाता है। छत्रपति संभाजीनगर शहर सहित कई क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था इसी पर आधारित है। इसलिए बांध में घटते जलस्तर को लेकर नागरिकों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
