भंडारा सड़क योजना (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Bhandara District News: भंडारा जिले के किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार माने जाने वाले ‘पांदण’ (खेतों तक जाने वाले रास्ते) सड़कों के निर्माण में भंडारा जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मातोश्री ग्रामसमृद्धि खेत सड़क योजना के तहत जिले के 420 विकास कार्यों को तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने इन सभी कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले यानी बारिश की पहली बूंद गिरने से पूर्व भौतिक रूप से पूर्ण करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। महाराष्ट्र शासन ने पुरानी खेत सड़क योजना को मातोश्री ग्रामसमृद्धि के रूप में नया स्वरूप दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य खेतों तक जाने वाले दुर्गम रास्तों को बारहमासी सुगम बनाना है। ये कार्य मनरेगा और राज्य सरकार के फंड से संयुक्त रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
योजना के वित्तीय ढांचे में 60 प्रतिशत खर्च मजदूरी पर और 40 प्रतिशत सामग्री पर किया जा रहा है, जिससे मुख्य रूप से सड़कों का खडीकरण और मजबूतीकरण सुनिश्चित होगा। 3 अप्रैल 2025 के ऐतिहासिक शासन निर्णय के अनुसार, खेत सड़कों पर अतिक्रमण को अब फौजदारी अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
इस कड़े कानून के कारण जिले की अधिकांश सड़कें अब अतिक्रमण मुक्त हो चुकी हैं। अब ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि मशीनरी सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच रही है, जिससे फसल का परिवहन बेहद सुलभ हो गया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि जो माल पहले बैलगाड़ी से लाने में घंटों लग जाते थे, वह अब मिनटों में घर या मंडी पहुंच रहा है।
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भंडारा उपजिलाधिकारी (रोगायो) प्रशांत पडघन ने कहा मातोश्री खेत सड़क कार्यों के प्रारूप को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार काम तत्काल शुरू कर दिए गए हैं। हमारा प्रयास है कि मानसून से पहले सभी काम पूरे हो जाएं। पूर्ण कार्यों के प्रस्ताव के आधार पर फंड निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।