
Dandegaon Girls Students:भंडारा जिले के दांडेगांव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Education News: दांडेगांव गांव की लगभग 20 से 25 छात्राओं को प्रतिदिन करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता है। यह पूरा रास्ता घने जंगल से होकर गुजरता है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर दांडेगांव की छात्राओं ने 31 दिसंबर को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। दांडेगांव क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि गांव चारों ओर से घने जंगल और झाड़ियों से घिरा हुआ है।
स्कूल जाने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्राओं को कच्चे पैदल रास्ते से होकर गुजरना मजबूरी बन गया है। जंगल से गुजरते समय जंगली और हिंसक जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है। बरसात और सर्दियों में कम रोशनी के कारण डर और भी बढ़ जाता है, जिससे छात्राओं और उनके अभिभावकों में भय का माहौल रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को सुगम बनाने और स्कूल छोड़ने की समस्या रोकने के उद्देश्य से सरकार ने मानव विकास मिशन के तहत बस सेवा शुरू की है, लेकिन दांडेगांव की छात्राओं को अब तक इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है।
अभिभावकों का सवाल है कि क्या प्रशासन को प्रतिदिन 20 से 25 छात्राओं को होने वाली शारीरिक और मानसिक पीड़ा दिखाई नहीं देती? ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय शिक्षा सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों ने अब इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़ लिया है। कई बार मौखिक और लिखित निवेदन देने के बावजूद आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। छात्राओं ने बताया कि उन्हें रोज तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता है। बस सेवा की मांग को लेकर छात्राएं स्वयं तहसील कार्यालय पहुंचीं और तहसीलदार दत्तात्रय धकाते से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा।
ये भी पढ़े: भाजपा उम्मीदवार को समर्थकों ने बनाया ‘बंदी’, नामांकन वापसी को लेकर नागपुर में हाई-वोल्टेज ड्रामा
इस अवसर पर नायब तहसीलदार सुरेश सिंह और अनिल पवार उपस्थित थे। ज्ञापन देने वालों में चैतन्या नखाते, उन्नती नखाते, रिद्धिमा गायकवाड़, रिया गायकवाड़, लीना नखाते, मानवी मेश्राम, समृद्धि मसराम, सानिया कांबले, चांदनी नखाते सहित कक्षा 5वीं से 12वीं तक की छात्राएं शामिल थीं।
छात्राओं और ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मानव विकास मिशन की बस सेवा शुरू नहीं की गई, तो दांडेगांव के ग्रामीण और छात्राएं उग्र आंदोलन करेंगे। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग कब नींद से जागकर इन बेटियों की सुरक्षित और सुगम शिक्षा यात्रा सुनिश्चित करता है।






