Bhandara Crime News: भंडारा शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, अनियंत्रित यातायात और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भंडारा नगर परिषद प्रशासन ने पूरे शहर में 138 डिजिटल सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा दिया है।
इस आधुनिक प्रणाली के चलते पुलिस के लिए अपराधियों पर शिकंजा कसना बेहद आसान हो गया है। अब पूरे शहर की हर हलचल पर तीसरी आंख की पैनी नजर बनी हुई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण 15 अगस्त 2024 को तत्कालीन पालकमंत्री विजयकुमार गावीत के हाथों किया गया था।
शहर के कोनेकोने में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शहर पुलिस स्टेशन की नवनिर्मित इमारत में एक इस पूरी प्रणाली के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी नगरपालिका के पास है और वर्तमान में सभी कैमरे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से शहर में 29 मूवेबल कैमरे लगाए गए हैं, जो अलगअलग कोणों से चित्रण करने में सक्षम हैं।
इसके साथ ही 34 प्रमुख चौराहों पर 119 बुलेट कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मारक क्षमता 1 से 2 किलोमीटर तक है। ये कैमरे दिन और रात, दोनों समय प्रभावी ढंग से काम करते हैं और इनमें 30 दिनों तक का रिकॉर्डिंग डेटा सुरक्षित रखने की सुविधा है। प्रशासन ने शहर का पूर्ण सर्वेक्षण कर कॉलेज परिसर, धार्मिक स्थल, बस स्टैंड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।
छात्राओं के साथ होने वाली छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग, बैग लिफ्टिंग और वाहन चोरी जैसी घटनाओं को रोकने में यह प्रणाली मील का पत्थर साबित हो रही है। हाल ही में हुई कुछ दुकान चोरी की वारदातों को सुलझाने में इन कैमरों के फुटेज ने पुलिस की बड़ी मदद की है।
यातायात नियमों के पालन की प्रतीक्षायोजना के अनुसार, सीसीटीवी के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की फोटो आरटीओ कार्यालय भेजकर सीधे जुर्माना वसूलने की तैयारी थी। हालांकि, अभी इसका पूर्ण क्रियान्वयन शुरू नहीं हो पाया है, जिससे लापरवाह वाहन चालकों पर नकेल कसना बाकी है।
फिर भी, सड़क हादसों में टक्कर मारकर भागने वाले वाहनों की पहचान करने में सीसीटीवी फुटेज अत्यंत कारगर साबित हो रहे हैं। शहर में चोरी, छेड़खानी, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और सड़क दुर्घटनाओं की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी कैमरे बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं।
शहर पुलिस थाने से इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अपराध नियंत्रण के लिए यह प्रणाली पुलिस के लिए एक सशक्त हथियार बन गई है। उल्हास भुसारी, पुलिस निरीक्षक, भंडारा।