Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

‘लाडली’ नहीं इसलिए उपेक्षित? आशा सेविकाओं ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, देशव्यापी हड़ताल का किया ऐलान

Bhandara ASHA Workers Strike: ₹12,000 के अल्प मानधन में घर चलाना हुआ मुश्किल। 12 फरवरी को आशा सेविकाओं की देशव्यापी हड़ताल। ₹26,000 वेतन और सरकारी दर्जे की मांग।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Feb 06, 2026 | 11:10 AM

आशा वर्करों की हड़ताल (सौजन्य-सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

ASHA Sevika Salary Hike: भंडारा जिले की ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था का मुख्य आधार मानी जाने वाली आशा सेविकाएं वर्तमान में अत्यंत विकट परिस्थितियों से गुजर रही हैं। कमरतोड़ महंगाई के इस दौर में मात्र 12 हजार रुपये के मानधन पर काम करने वाली इन हजारों बहनों को अपना घर चलाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।

शासन से मिलने वाले इस कम मानधन और उसमें भी होने वाली कटौती के कारण स्वास्थ्यदूत के रूप में पहचानी जाने वाली ये बहनें आर्थिक संकट में फंस गई हैं। विभिन्न जिले में इस समय कुल 2927 आशा वर्कर कार्यरत हैं। इनमें शहरी क्षेत्रों में 1153 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1774 आशा वर्कर दिन-रात सेवाएं दे रही हैं।

माता एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण और बच्चों के टीकाकरण में मदद करना उनकी मुख्य जिम्मेदारी है। इसके अलावा क्षय रोग, कुष्ठ रोग उन्मूलन सर्वेक्षण और स्वास्थ्य विभाग के हर अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। प्रतिदिन घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना, डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूकता फैलाना और रिकॉर्ड अपडेट रखना जैसे कार्यों का भारी बोझ उन पर होता है।

सम्बंधित ख़बरें

भायखला में सुपर स्पेशियलिटी रेलवे अस्पताल का उद्घाटन, रेल कर्मचारियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

Jalna News: जालना में ‘रक्षक बना भक्षक’, स्कूल बस ड्राइवर ने 15 साल की छात्रा से किया दुष्कर्म

नाले का पानी मिलकर पहुंच रहा घरों तक, नगरसेविका राजोल पाटिल ने BMC अधिकारियों से की शिकायत

यवतमाल के विकास को रफ्तार: पालकमंत्री संजय राठोड ने ₹692.74 करोड़ के वार्षिक बजट को दी मंजूरी

मानधन का हिस्सा

आशा वर्करों को मिलने वाला 12 हजार रुपये का मानधन काम के बदले दाम के स्वरूप में है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 2 हजार और राज्य सरकार का हिस्सा 10 हजार रुपये होता है। हालांकि, हकीकत में यह पूरी राशि उनके हाथ में नहीं आती। विभिन्न तकनीकी कारणों और काम पूरा न होने का हवाला देकर अक्सर मानधन में कटौती की जाती है।

इतना ही नहीं, मानधन समय पर न मिलने के कारण इन महिलाओं को कर्ज लेकर अपना घर चलाना पड़ रहा है।लाडली नहीं रहने का खामियाजा इन बहनों को भुगतना पड़ रहा है।

  • 2927 – कुल आशा वर्कर
  • 1,153 – शहरी क्षेत्र में
  • 1,774 – ग्रामीण क्षेत्र में

परिवार का गुजारा मुश्किल

आशा वर्कर दिन-रात सेवा देती हैं, लेकिन मानधन समय पर नहीं मिलता, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है।

  • सुनंदा बसेशंकर, आशा सेविका

ठोस निर्णय नहीं

केवल खोखले आश्वासनों से हमें बहलाया जा रहा है। मानधन में सम्मानजनक वृद्धि और सरकारी कर्मचारी का दर्जा पाने के लिए हमने बार-बार आंदोलन किए। प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण अब कार्यकर्ताओं में भारी संताप और रोष व्याप्त है।यदि हमारी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

  • राजेंद्र साठे, जिलाध्यक्ष, आशा व गटप्रवर्तक कर्मचारी यूनियन।

यह भी पढ़ें – गड़चिरोली में नक्सलियों का किला ध्वस्त! C-60 कमांडो ने 2 कैंप किए तबाह, 1 नक्सली ढेर; 48 घंटे से जारी ऑपरेशन

फॉलोअप ले रहे

आशा वर्कर सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाती हैं और उनके मानधन के विषय पर वे सरकार से फॉलोअप ले रहे हैं।

  • डॉ. मिलिंद सोमकुवर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी

जारी रहेगी लड़ाई

जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक वेतन नहीं मिलता, तब तक अपने हक अधिकार की यह लड़ाई जारी रहेगी।

  • उषा मेश्राम, महासचिव

12 को देशव्यापी हड़ताल

आशा एवं गटप्रवर्तक कर्मचारी यूनियन (सीटू) की ओर से 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस हड़ताल की पूर्व संध्या पर यानी 11 फरवरी को जिला परिषद चौक पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

इनकी प्रमुख मांगों में सभी योजना कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन देना, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निश्चित करना, सेवानिवृत्ति के बाद 5 लाख रुपये ग्रेच्युटी और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन प्रदान करना शामिल है। साथ ही स्थानीय स्तर पर बिना मानधन के किए जाने वाले कार्यों के लिए अतिरिक्त 5 हजार रुपये प्रति माह की मांग भी की गई है।

Bhandara asha workers protest salary hike strike february 12

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 06, 2026 | 11:10 AM

Topics:  

  • Bhandara
  • Bhandara News
  • Maharashtra

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.