Bhandara Development News: महाराष्ट्र सरकार के स्वायत्त संस्थान महाराष्ट्र संशोधन, उन्नति व प्रशिक्षण प्रबोधिनी अमृत की ओर से खुले प्रवर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर घटकों के सर्वांगीण विकास के लिए एक विशेष पहल शुरू की गई है।
इस अभियान के तहत उन जातियों के युवाओं और उम्मीदवारों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिन्हें वर्तमान में किसी स्वतंत्र शासकीय विभाग या महामंडल के माध्यम से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अमृत संस्थान के लक्षित समूह में वर्तमान में ब्राह्मण, बनिया, सिंधी, मारवाड़ी, गुजराती, पटेल, पाटीदार, राजपूत, कायस्थ, ठाकुर और हिंदू नेपाली सहित कुल 25 जातियों को शामिल किया गया है।
संस्थान का अनुमान है कि इस सर्वेक्षण के बाद लाभार्थियों की सूची में और भी जातियों की वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में संस्थान की ओर से व्यक्तित्व विकास, औद्योगिक कौशल, उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, प्रतियोगी परीक्षा प्रोत्साहन और व्यवसाय वृद्धि के लिए व्यक्तिगत ब्याज वापसी जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
अभियान के मुख्य उद्देश्यों में लक्षित समूहों के परिवारों की सटीक संख्या निर्धारित करना, उनकी अपेक्षाओं को समझना और उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के आधार पर नई कल्याणकारी योजनाएं तैयार करना शामिल है। इसी कड़ी में 8 अप्रैल से 25 अप्रैल तक महाराष्ट्र के सभी जिलों में राज्य स्तरीय परिवार सर्वेक्षण किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इस अभियान की समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है।
भंडारा जिले में सर्वेक्षण की जिम्मेदारी जिला प्रबंधक ओमकार हरदास के साथ अमृत मित्र हेमंत चंदवासकर और अमृत सखी साक्षी जोशी को सौंपी गई है। ये प्रतिनिधि ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर सीधे परिवारों से संपर्क करेंगे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, संगठनों और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी चर्चा कर डेटा संकलित किया जाएगा।
संस्थान का प्रयास है कि इस माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। लक्षित समूह के नागरिकों से इस सर्वेक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने और सटीक जानकारी साझा करने की अपील की गई है ताकि भविष्य में उनके हितों के अनुकूल नई योजनाएं बनाई जा सकें। अधिक जानकारी के लिए जिले के अमृत प्रतिनिधियों के अधिकृत संपर्क नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकता है।
ओमकार मिलिंदराव हरदास, जिला प्रबंधक