भंडारा-गोंदिया में 75% बस प्रतीक्षालय बदहाल, 4.40 करोड़ मंजूर फिर भी यात्रियों की परेशानी बरकरार
Bhandara ST Bus Stand: भंडारा विभाग के 99 यात्री प्रतीक्षालयों में से 23 जर्जर हो चुके हैं। प्रशासन ने 22 प्रतीक्षालयों के लिए 4.40 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
Bhandara News: ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों, विद्यार्थियों और नागरिकों को धूप और बारिश से बचाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय आज प्रशासनिक अनदेखी के कारण शोपीस बनकर रह गए हैं। रखरखाव के अभाव में कई प्रतीक्षालयों की छत उड़ गई है और दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। परिणामस्वरूप, इस भीषण गर्मी और विवाह सीजन के दौरान यात्रियों को पेड़ों के नीचे या दुकानों के सहारे खड़े रहकर एसटी बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
विभाग के प्रतीक्षालयों की स्थिति भंडारा विभाग में भंडारा और गोंदिया दो जिले शामिल हैं। इस विभाग में छह प्रमुख डिपो के अंतर्गत कुल 99 यात्री प्रतीक्षालय हैं। इनमें भंडारा 18, गोंदिया 20, साकोली 14, तिरोड़ा 11, तुमसर 17 और पवनी 9 प्रतीक्षालय शामिल हैं।
इनमें से 23 प्रतीक्षालय पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और उनकी मरम्मत का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है।फंड मंजूर, फिर भी इंतजार जारीजर्जर 23 में से 22 प्रतीक्षालयों के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। प्रति प्रतीक्षालय 20 लाख रुपये के हिसाब से कुल 4 करोड़ 40 लाख रुपये का फंड स्वीकृत किया गया है। वर्तमान में इन कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है।
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शेष 75 प्रतीक्षालयों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है। उम्मीद है कि आगामी वित्तीय वर्ष में यह कार्य पूरे हो जाएंगे, लेकिन तब तक यात्रियों की परेशानी कम होने के आसार नहीं हैं।गंदगी और अतिक्रमण की समस्याजिले के कई प्रतीक्षालयों में धूल और कचरे का अंबार लगा हुआ है। कुछ स्थानों पर लोगों ने अतिक्रमण कर चाय और खर्रा की दुकानें खोल ली हैं। ग्राम पंचायतों पर इन प्रतीक्षालयों की देखरेख की जिम्मेदारी होने के बावजूद साफसफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कई जगहों पर बैठने के प्लेटफॉर्म टूटे हुए हैं और दीवारों पर पान के दाग दिखाई देते हैं। महिलाओं और छात्रों की परेशानीराज्य सरकार द्वारा महिलाओं को बस यात्रा में दी गई छूट के कारण यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतीक्षालयों में शौचालय और प्रसाधन की सुविधा नहीं होने से महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सानगड़ी, अड्याल और कोंढा जैसे बड़े गांवों में भी प्रतीक्षालयों की स्थिति बेहद खराब और खतरनाक है, जिससे यात्रियों को जोखिम उठाकर इंतजार करना पड़ता है।निविदा कार्य जारी, जल्द होगा कामग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
जिले के 23 जर्जर प्रतीक्षालयों में से 22 के नवीनीकरण को मंजूरी मिल चुकी है और 4 करोड़ 40 लाख रुपये का फंड प्राप्त हुआ है। फिलहाल निविदा प्रक्रिया जारी है और जल्द ही काम शुरू होगा। बाकी 75 प्रतीक्षालयों की तकनीकी रिपोर्ट भी मंगाई गई है। आगामी वित्तीय वर्ष में सभी प्रतीक्षालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसमें पेयजल और बेहतर बैठने की व्यवस्था शामिल होगी।सतीश कटरे, अभियंता, परिवहन विभाग, भंडारा।फोटो 21 bh news no 10
