कौन होगा गोपीनाथ मुंडे का उत्तराधिकारी? धनंजय और पंकजा में छिड़ी जंग! करुणा के बयान से आया भूचाल

Gopinath Munde Successor: महाजन-मुंडे परिवार में विरासत की जंग छिड़ी। करुणा ने धनंजय को गोपीनाथ मुंडे का वारिस बताया, तो प्रकाश महाजन ने पंकजा मुंडे को असली उत्तराधिकारी करार दिया।
Dhananjay Munde And Pankaja Munde
पंकजा मुंडे व धनंजय मुंडे (डिजाइन फोटो)
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Pankaja Munde Vs Dhananjay Munde: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर महाजन-मुंडे परिवार की विरासत को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और मंत्री धनंजय मुंडे को लेकर उनकी पत्नी करुणा मुंडे-शर्मा के बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। करुणा ने धनंजय को भाजपा के दिवंगत दिग्गज नेता गोपीनाथ मुंडे का असली उत्तराधिकारी बताया है।

करुणा ने कहा कि राजनीति में विचारों की विरासत सबसे महत्वपूर्ण होती है। “मैं वर्ष 2009 से 2019 के बीच धनंजय के संघर्ष की साक्षी रही हूं। उन्होंने जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके काम में समाजसेवा और नेतृत्व की झलक साफ दिखाई देती है। इसलिए मैं उन्हें गोपीनाथ मुंडे का असली उत्तराधिकारी मानती हूं।”

पंकजा के समर्थन में उतरे प्रकाश महाजन

हालांकि, करुणा के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है। भाजपा की वरिष्ठ नेता और गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे के समर्थन में अब दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के भाई प्रकाश महाजन उतर आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर करुणा मुंडे की आलोचना करते हुए लिखा, “सिर्फ पंकजा ही मुंडे साहब की सामाजिक और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। उनके नेतृत्व में ही मुंडे परिवार की पहचान जीवित है।”

धनंजय की दावेदारी पर उठाया सवाल

प्रकाश ने यह भी कहा कि गोपीनाथ मुंडे ने हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी और पंकजा उन्हीं मूल्यों पर काम कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “जो व्यक्ति राजनीतिक रूप से विपक्षी दल में है, उसे भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे का उत्तराधिकारी कैसे माना जा सकता है?”

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राज्य के खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने बीड में आयोजित ओबीसी रैली के दौरान धनंजय मुंडे को गोपीनाथ मुंडे का “विचारों का उत्तराधिकारी” बताया था। भुजबल के बयान के बाद ही परिवार के भीतर विरासत की यह बहस फिर से तेज हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुंडे परिवार में यह संघर्ष केवल पारिवारिक नहीं बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़ा सियासी संकेत भी है। जहां धनंजय एनसीपी (अजित पवार गुट) में एक मजबूत ओबीसी चेहरा हैं, वहीं पंकजा भाजपा में गोपीनाथ मुंडे की परंपरा और प्रभाव को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

फिलहाल, करुणा और प्रकाश के आमने-सामने आने से यह सियासी ‘मुंडे विरासत युद्ध’ फिर सुर्खियों में है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाने वाला है।

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