छत्रपति संभाजीनगर मनपा की अनोखी पहल, रीसायकल पानी से सींचे जाएंगे जूलॉजिकल पार्क के हजारों पौधे
Sambhajinagar Zoological Park: छत्रपति संभाजीनगर के मिटमिटा जूलॉजिकल पार्क में पानी की कमी दूर करने के लिए पडेगांव एसटीपी से पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे हजारों पौधों को नियमित पानी मिल सकेगा।
- Written By: रूपम सिंह
जूलॉजिकल पार्क (सोर्स - सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Zoological Park Recycled Water: छत्रपति संभाजीनगर मिटमिटा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक जूलॉजिकल पार्क में लगाए गए हजारों पौधों और वृक्षों के संरक्षण के लिए महानगरपालिका ने वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पार्क परिसर स्थित कुएं में जलस्तर घटने के कारण अब पडेगांव स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शुद्ध किए गए पानी को पाइपलाइन के माध्यम से पार्क तक पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मनपा और स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के संयुक्त प्रयासों से मिटमिटा क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त जूलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना शहर की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल है। भविष्य में सिद्धार्थ उद्यान के प्राणिसंग्रहालय में मौजूद विभिन्न वन्यजीवों और पक्षियों को इस नए पार्क में स्थानांतरित किया जाएगा। पार्क के निर्माण कार्य का अधिकांश हिस्सा अंतिम चरण में पहुंच चुका है और परिसर को पर्यावरण अनुकूल तथा हरित स्वरूप देने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को पार्क परिसर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया था। इस दौरान हजारों पौधे और विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष लगाए गए। हालांकि गर्मी के मौसम और सीमित जल उपलब्धता के कारण इन पौधों के संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई थी। वर्तमान में पूरे परिसर की सिंचाई व्यवस्था मुख्य रूप से पार्क के भीतर स्थित कुएं के पानी पर निर्भर है, लेकिन लगातार कम होते जलस्तर के कारण यह स्रोत पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है।
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स्थिति को देखते हुए मनपा प्रशासन ने पडेगांव एसटीपी से उपचारित और पुनर्चक्रित पानी का उपयोग करने की योजना तैयार की है। अधिकारियों के अनुसार एसटीपी का शुद्ध पानी पाइपलाइन के जरिए सीधे पार्क तक पहुंचाया जाएगा, जिससे पौधों और वृक्षों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे न केवल हरित क्षेत्र का संरक्षण होगा, बल्कि पुनर्चक्रित जल के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक जल व्यवस्था शुरू होने के बाद पार्क में लगाए गए पौधों के सूखने का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। साथ ही भविष्य में पार्क के विस्तार और हरित विकास के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जूलॉजिकल पार्क को पर्यावरण संरक्षण और जल पुनर्चक्रण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए।
