सोशल मीडिया पर BJP से आगे निकली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’; 6 दिन में 1 करोड़ फॉलोअर्स, अब चुनाव लड़ने की तैयारी!
Cockroach Janta Party Abhijeet Dipke BJP Followers: सोशल मीडिया पर बीजेपी से आगे निकली 'कॉकरोच जनता पार्टी'। 6 दिन में हुए 1 करोड़ फॉलोअर्स, चुनाव लड़ने पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान।
- Written By: अनिल सिंह
Cockroach Janta Party Election: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा फर्जी डिग्री मामले की सुनवाई के दौरान व्यवस्था में घुसपैठ करने वाले लोगों की तुलना ‘तिलचट्टों’ से करने के बाद सोशल मीडिया पर जो गुस्सा भड़का था, उसने अब एक नए राजनैतिक विकल्प की नींव रख दी है। छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से जनसंपर्क (PR) की पढ़ाई करने वाले अभिजीत दीपके ने युवाओं के इसी गुस्से को एक डिजिटल मंच दिया। देखते ही देखते यह पेज इस कदर वायरल हुआ कि एक्स (ट्विटर) पर 1.60 लाख और इंस्टाग्राम पर 1 करोड़ से ज्यादा लोग इसके सदस्य बन गए।
पार्टी के इस अविश्वसनीय उभार ने देश के बड़े-बड़े राजनैतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। वर्तमान में इंस्टाग्राम पर जहां देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के 87 लाख फॉलोअर्स हैं, वहीं सीजेपी 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर अब देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस (1.32 करोड़ फॉलोअर्स) को भी मात देने की कगार पर खड़ी है। देश के करोड़ों पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा इस मंच को अपनी दबी हुई आवाज का जरिया मान रहे हैं।
क्या चुनाव लड़ेगी कॉकरोच जनता पार्टी?
इस अकल्पनीय जनसमर्थन के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ भविष्य में ईवीएम (EVM) के जरिए चुनावी मैदान में उतरेगी? इस पर खुद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा, “यह राजनीतिक दल निश्चित रूप से चुनाव लड़ेगा, लेकिन अभी तुरंत इस पर कोई अंतिम फैसला लेना जल्दबाजी होगी। हमने इस पार्टी की शुरुआत किसी सोची-समझी प्लानिंग के तहत नहीं की थी। अगर मुख्य न्यायाधीश का वह बयान न आया होता, तो आज यह पार्टी ही न होती।”
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“हम बाकी राजनैतिक दलों जैसी गलती नहीं दोहराएंगे”
अभिजीत दीपके ने देश की मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए आगे कहा, “महज 5-6 दिनों में हमारे साथ 1 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। आज के युवाओं की सबसे बड़ी शिकायत यही है कि कोई भी स्थापित राजनीतिक दल या सरकार उनकी चिंताओं और बेरोजगारी की समस्या को सुनने और समझने के लिए तैयार नहीं है। मैं बाकी राजनीतिक दलों की तरह हवा में फैसले लेकर वह बड़ी गलती नहीं दोहराना चाहता। पहले मैं अपने इस विशाल नेटवर्क के युवाओं से बात करूंगा, उनके इनपुट्स और सजेशन्स लूंगा, उनके गुस्से और चिंताओं को गहराई से समझूंगा और उसके बाद ही हम चुनाव लड़ने की दिशा में अपना अगला कदम उठाएंगे।”
पार्टी के कड़े और अनोखे नियम
डिजिटल मीडिया के इस दौर में सीजेपी का क्रेज इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि इसके नियम बेहद जुदा हैं। पार्टी में शामिल होने के लिए युवा का बेरोजगार होना, आलसी होना, 24 घंटे ऑनलाइन रहना और अपनी भावनाओं को बेबाकी से व्यक्त करना जरूरी है। वहीं, पार्टी ने मीडिया घरानों और बिकाऊ जनप्रतिनिधियों पर नकेल कसने के लिए सख्त नीतियां बनाने का वादा किया है। मजाक और मीम्स से शुरू हुई यह मुहिम अब महाराष्ट्र से निकलकर पूरे देश के युवाओं के लिए कागजी भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सिस्टम की तानाशाही के खिलाफ एक वैचारिक हथियार बन चुकी है।
