छत्रपति संभाजीनगर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में बनेगा नया संग्रहालय; सोनेरी महल की पुरानी धरोहरें होंगी शिफ्ट
Sambhajinagar Town Hall: छत्रपति संभाजीनगर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में अत्याधुनिक संग्रहालय बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सोनेरी महल की 400 साल पुरानी धरोहरों को यहां शिफ्ट किया जाएगा।
- Written By: रूपम सिंह
टाउन हॉल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Tourism Development: छत्रपति संभाजीनगर शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल को जल्द ही नई पहचान मिलने वाली है। महानगरपालिका मुख्यालय से सटे इस ऐतिहासिक भवन में अत्याधुनिक संग्रहालय स्थापित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इस संबंध में शुक्रवार सुबह 11 बजे महापौर की अध्यक्षता में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें संग्रहालय को लेकर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय परिसर स्थित सोनेरी महल का संग्रहालय पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है। यहां 350 से 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक वस्तुएं सुरक्षित रखी गई हैं, जिनका पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक बेहतर संरक्षण किया गया है। इन धरोहरों को टाउन हॉल में स्थानांतरित कर संग्रहालय शुरू करने को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा चल रही थी।
इस दिशा में महापौर समीर राजूरकर ने विशेष पहल की है। शुक्रवार को होने वाली बैठक में संग्रहालय को स्थायी रूप से स्थापित किया जाए अथवा अस्थायी रूप से शुरू किया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मनपा को आवश्यक खर्च भी करना पड़ सकता है। इसके साथ ही परिसर में एक स्वतंत्र पर्यटन विभाग शुरू करने की भी योजना बनाई जा रही है।
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चार शताब्दी पुराना है टाउन हॉल का इतिहास
इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1604 के बाद मलिक अंबर ने टाउन हॉल का निर्माण कराया था। उस समय उसका नाम रचितेखानार रखा गया था। यह स्थान विभिन्न धर्मों के प्रमुखों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक विषयों पर विचार-विमर्श का केंद्र हुआ करता था।
यहां ईद, दीपावली और अन्य सार्वजनिक आयोजनों को लेकर बैठक आयोजित की जाती थीं तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाता था। बाद में निजाम शासनकाल में इस भवन का सौंदर्गीकरण किया गया और यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होने लगे। समय के साथ यह भवन नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में आया और नगर परिषद की सामान्य सभाओं का प्रमुख केंद्र बन गया।
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पर्यटकों की संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद
संग्रहालय शुरू होने के बाद शहर में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, टाउन हॉल परिसर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र का सौंदर्गीकरण और पर्यटकों के अनुकूल वातावरण तैयार करना भी बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
ऐतिहासिक धरोहर के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है तो टाउन हॉल केवल ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक ही नहीं रहेगा, बल्कि शहर के पर्यटन विकास का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर की सांस्कृतिक पहचान को भी नया आयाम मिलेगा।
