जालना में 56 रेत घाटों की नीलामी की तैयारी, अब नए सर्वेक्षण के बाद 27 घाटों को जोड़ा गया

छत्रपति संभाजीनगर के जालना जिले में रेत की नीलामी के खनिज विभाग के मालामाल होने की उम्मीद की जा रही है। आपको बता दें कि पिछले साल 3 बार नीलामी की कोशिश के बाद बोलियां नहीं लगी थी।
छत्रपति संभाजीनगर के जालना जिले में रेत की नीलामी के खनिज विभाग के मालामाल होने की उम्मीद की जा रही है। आपको बता दें कि पिछले साल 3 बार नीलामी की कोशिश के बाद बोलियां नहीं लगी थी।
रेत के घाट (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: जालना जिले में रेत घाटों की नीलामी से जिला गौण खनिज विभाग के मालामाल होने की उम्मीद है। नवंबर महीने में 27 नए रेत घाटों की नीलामी की संभावना जताई जा रही है।

इसके साथ ही, पिछले वर्ष नीलामी में नहीं गए 28 घाट, पर्यावरण समिति से मंजूरी प्राप्त 1 घाट और इस बार नए सर्वेक्षण में शामिल 27 घाटों को मिलाकर कुल 56 घाटों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, 35 घाटों को स्थानीय उपयोग और घर निर्माण के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इस तरह कुल 91 रेत घाटों से लगभग 3 लाख 65 हजार 183 ब्रास रेत उपलब्ध कराने की योजना है।

नीलामी से जिला गौण खनिज विभाग को लगभग 19 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में 30 सितंबर तक मानसून के कारण रेत उत्खनन पर रोक है। इस अवधि में प्रशासनिक मंजूरी और पर्यावरण समिति की स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पर्यावरण समिति की मंजूरी के बाद 20 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच नीलामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। पिछले वर्ष तीन बार नीलामी के प्रयास के बावजूद कोई बोलियां नहीं लगी थी। लेकिन इस बार नए सर्वेक्षण के चलते -27 घाटों को शामिल किया गया है और 28 सितंबर को जनसुनवाई के बाद पर्यावरण समिति की स्वीकृति के लिए

प्रस्ताव भेजा जाएगा।

कृत्रिम रेत पर जोर

राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों में 20 प्रतिशत कृत्रिम रेत के उपयोग को अनिवार्य किया है। नए रेत नीति के बाद यह पहली बार है कि जिले में इस स्तर पर रेत घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो रही है

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