84 हजार किसानों की लड़ाई रंग लाई, हाईकोर्ट ने कहा- 4 हफ्ते में दो 190 करोड़
पिछले साढ़े 4 सालों से ज्यादा समय से परेशान किसानों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत की सांस दी है। फसल बीमा योजना के मामले में कोर्ट ने ऑर्डर सुनाते हुए सरकार को में 190 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
उच्च न्यायालय (Image- Social Media)
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: खरीफ व रबी सत्र 2020-21 से बकाया फसल बीमा क्षतिपूर्ति मामले में अदालत से अन्नदाताओं को राहत मिली है। बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
न्यायमूर्ति आर जी अवचट व न्या आबासाहब शिंदे ने राज्य सरकार को 190 करोड़ रुपए चार सप्ताह में न्यायालय में जमा करने का आदेश दिया है। परभणी जिले के 84, 693 किसानों ने खरीफ व रब्बी सत्र 2020-21 के लिए किश्त का भुगतान किया था। हालांकि, बीमा कंपनी व सरकार के बीच जारी विवाद के चलते 61 करोड़, 15 लाख रुपए की क्षति पूर्ति नहीं मिली।
इसके चलते किसानों हेमचंद्र शिंदे, विश्वंभर गोरवे, गोविंद लांडगे, कृष्णा सोलंके व माधव घुन्नर ने एड अजित काले के जरिए 5 अगस्त 2022 को खंडपीठ में रिट याचिका दाखिल की थी। याचिका में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, पुणे के कृषि आयुक्त, परभणी के जिलाधिकारी व कृषि अधिकारी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया व रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कंपनी को प्रतिवादी बनाया गया था।
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साढ़े 4 वर्षों से परेशान हैं किसान
खरीफ सत्र में 72,393 किसानों के 55 करोड, 10 लाख रुपए व रबी सत्र में 12,300 किसानों के 6 करोड़, 5 लाख रुपए बकाया है। जिरह के दौरान एड। अजित काले ने कहा कि राज्य सरकार की उदासीनता के चलते किसान गत साढ़े चार वर्षों से क्षतिपूर्ति से वंचित है। फसल कर्ज सुरक्षित रखने के लिए लिया गया बीमा प्रत्यक्ष रूप से किसानों के सिर पर संकट बन गया है। क्षतिपूर्ति नहीं मिलने से किसानों का कर्ज बकाया हो गया व व्याज का बोझ बढ़ गया। इसके अलावा कई पहलू भी काले ने न्यायालय के सामने रखे। दोनों पक्षों की जिरह के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को 190 करोड़, 72 लाख रुपए धार सप्ताह में न्यायालय में जमा करने का आदेश दिया। इसके साथ ही रिलायन्स इंश्योरेंस कंपनी को अंदाजन 51 करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति जमा करने के निर्देश भी दिए।
