सोयगांव में ‘हर घर जल’ सपना अधूरा, 25 गांवों में जल जीवन मिशन की योजनाएं अटकी; काम अब 2028 तक बढ़ा
Jal Jeevan Mission: सोयगांव के 25 गांवों में जल जीवन मिशन की योजनाएं निधि की कमी और धीमी गति के कारण अधूरी हैं। तीन साल बाद भी नलों में पानी नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
Maharashtra Har Ghar Jal Scheme( Source: Social Media )
Maharashtra Har Ghar Jal Scheme: छत्रपति संभाजीनगर केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘हर घर जल’ का सपना सोयगांव में अधूरा ही नजर आ रहा है। तहसील के 25 गांवों में मंजूर जल जीवन मिशन की योजनाएं निधि की कमी व कमजोर नियोजन के कारण ठप पड़ी हैं।
करीब साढ़े तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद अधिकांश गांवों में काम अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। नलों में पानी आएगा या नहीं, इसे लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
इन योजनाओं के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया था व वर्ष 2022 में बड़े स्तर पर कार्यों की शुरुआत भी हुई थी, लेकिन 2024 में तय समय सीमा खत्म होने के बावजूद अधिकांश काम अधूरे ही हैं।
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अब केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं को 2028 तक की मोहलत दी है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम की रफ्तार धीमी बनी हुई है। जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोयगांव के समूह विकास अधिकारी शिवाजी यमूलवाड़ ने बताया कि गांवों में 32 योजनाओं के तहत कार्य चल रहे हैं। अब धीरे-धीरे निधि मिलना शुरू हो गया है व जल्द ही काम पूरे कर लिए जाएंगे।
ठेकेदारों ने छोड़ा काम
समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण कई ठेकेदारों ने अपना काम अधूरा छोड़ दिया है। ‘निधि नहीं तो काम नहीं’ की भूमिका अपनाते हुए ठेकेदारों ने गांवों से काम समेट लिया, जिससे योजना अधर में लटक गई है।
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कई गांवों में पाइपलाइन अधूरी है व केवल घरों के सामने नल लगाए गए हैं, जबकि मुख्य जलस्त्रोत व टंकी का काम अधूरा है। सड़कों की खुदाई कर छोड़ देने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने पाइपलाइन कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल व अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
