‘शिक्षकों से BLO का काम क्यों, पढ़ाएगा कौन?’ सरपंच ने जिलाधिकारी कार्यालय में खड़े किए तीखे सवाल
Teachers BLO Duty Controversy: स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बीच BLO ड्यूटी लगाने पर भड़के सरपंच मंगेश साबले। जिलाधिकारी कार्यालय में नारेबाजी कर दी आत्मदाह की चेतावनी। जानें क्या है पूरा विवाद।
- Written By: गोरक्ष पोफली
जिलरधिकारी कार्यालय के बाहर सरपंच (सोर्स: नवभारत फोटो)
Sarpanch Mangesh Sable Protest Against Teachers BLO Duty: छत्रपति संभाजीनगर के विद्यालयों में पहले से शिक्षकों की कमी होने के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों को बीएलओ का दायित्व सौंपे जाने का मुद्दा बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया। फुलंब्री तहसील के गेवराई पायगा गांव के सरपंच मंगेश साबले ने जिलाधिकारी और तहसीलदार से सवाल किया कि जब कई विद्यालयों में आधे से अधिक शिक्षक चुनाव संबंधी कार्यों में लगाए गए हैं तो विद्यार्थियों की पढ़ाई कैसे होगी। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को पढ़ाने का काम करने दिया जाए और बीएलओ की जिम्मेदारी अन्य कर्मचारियों को सौंपी जाए।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत बीएलओ का कार्य चल रहा है। इसी के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। सरपंच साबले ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की तथा मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी। पुलिस ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और बाद में अधिकारियों से मुलाकात कराई।
आधा दिन स्कूल और आधा दिन चुनाव कार्य का निर्देश
फुलंब्री की तहसीलदार योगिता खटावकर ने कहा कि बीएलओ के रूप में नियुक्त शिक्षकों को आधा दिन विद्यालय और आधा दिन चुनाव संबंधी कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं इससे अलग स्थिति सामने आई है तो जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बाद में पुलिस सरपंच को सिटी चौक थाने ले गई, जहां देर रात तक आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी थी।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर मनपा की बड़ी तैयारी, 25 जुलाई को होगा हॉकर्स समिति का चुनाव, दूर हुईं कानूनी बाधाएं
अस्पतालों की सुध लेने अचानक पहुंचे अधिकारी; मुंबई के चेंबूर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए कड़े आदेश
स्वतंत्रता दिवस तक नहीं सीख पाए मराठी तो सीधे लाइसेंस कैंसल, प्रताप सरनाइक ने दी ऑटो-टैक्सी चालकों को चेतावनी
Bhandara News: भंडारा में शिक्षकों के 700 रिक्त पद भरने की मांग, कलेक्ट्रेट पर जनआक्रोश मोर्चा
शिक्षा बनाम चुनावी ड्यूटी: समाधान की उम्मीद में ग्रामीण
इस पूरी घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच के टकराव को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर प्रशासन के लिए समय पर मतदाता सूची का काम पूरा करना एक वैधानिक जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों के बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। सरपंच के इस उग्र विरोध और आत्मदाह की चेतावनी ने प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
यह भी पढ़ें: अस्पतालों की सुध लेने अचानक पहुंचे अधिकारी; मुंबई के चेंबूर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए कड़े आदेश
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या जिलाधिकारी इस मामले में कोई बीच का रास्ता निकालते हैं, जिससे चुनाव का कार्य भी प्रभावित न हो और नौनिहालों की पढ़ाई का नुकसान भी रोका जा सके।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
