प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Village Division Legal Challenge: छत्रपति संभाजीनगर खुलताबाद तहसील अंतर्गत वड़ोद चाजार ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से पहले विभाजन कर प्रशासक नियुक्त करने को चुनौती देने वाली याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने अहम आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति संतोष चपलगांवकर ने प्रतिवादी पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देकर याचिका पर अगली सुनवाई 23 फरवरी को निर्धारित की है। वड़ोद बाजार ग्रापं की सरपंच सुनीता चव्हाण की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने वड़ोद बाजार जैसी बड़ी ग्रापं का विभाजन कर वड़ोद बुद्रुक व वड़ोद खुद नाम से 2 अलग-अलग ग्राम पंचायतें गठित की।
तदुपरांत 25 नवंबर 2025 को पंचायत विस्तार अधिकारी को बतौर प्रशासक नियुक्त किया गया। सरपंच सुनीता चव्हाण ने एड। चंद्रकांत ठोंबरे के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि ग्रापं अधिनियम, 1952 की धारा 4(2) के अनुसार ग्रापं के विभाजन से पहले स्थायी समिति व संबंधित ग्रापं के साथ विचार-विमर्श अनिवार्य है।
उसी प्रक्रिया के तहत प्रशासक की नियुक्ति की जानी चाहिए, याचिका में आरोप लगाया कि विचार-विमर्श किए बगैर सरकार ने 12 नवंबर 2025 को परिपत्र जारी किया।
कक्ष अधिकारी के जरिए बाकायदा पत्र जारी करने के बाद जिला परिषद की टिप्पणियों के आधार पर 25 नवंबर 2025 को प्रशासक की नियुक्ति की गई, जो कानून के प्रावधानों के विरुद्ध है। राज्य सरकार की ओर से सहायक सरकारी वकील लघु प्रकरण की पैरवी कर रहे है।
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हाईकोर्ट के कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अब सभी की निगाहें 23 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है। इस निर्णय से न केवल संबंधित ग्रापं, बल्कि जिले की अन्य ग्रापं के प्रशासनिक मामलों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है