ऑनलाइन गैंबलिंग (सौ. सोशल मीडिया )
International Gambling Racket: जिले के ग्रामीण क्राइम ब्रांच और करमाड पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक इंटरनेशनल गैंबलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया है जो ऑनलाइन गेम्स के नाम पर लोगों को भारी मुनाफे का लालय देकर ठग रहे थे।
बुधवार, 19 नवंबर की देर रात ग्रामीण पुलिस ने कुंभेफल परिसर में स्थित ड्रीम सिटी सोसाइटी के रो हाउस नंबर 14 में छापा मारा और कंप्यूटर से चलने वाले बेटिंग रैकेट को पकड़ा, पुलिस ने इस जगह से नौ लोगों को गिरफ्तार किया, इसमें अधिकतर आरोपी छत्तीसगढ़ के निवासी है।
इस ऑपरेशन में लैपटॉप, मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन इक्विपमेंट समेत कुल 8 लाख 27 हजार 500 रुपये का सामान जब्त किया गया। ग्रामीण के एसपी डॉ विनय कुमार राठौड़ ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इस गिरोह की जानकारी देते हुए बताया कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड सूरज किरण सिंह पचलोरे (26, सिडको पुलिस कॉलोनी) काम के सिलसिले में कुछ समय से दिल्ली और नोएडा में रह रहा था।
उसने बारीकी से स्टडी किया कि वहां ऑनलाइन गैंबलिंग, बेटिंग और गेमिंग वेबसाइट कैसे चलती हैं, बेटिंग ‘मॉड्यूल’ कैसे बनाए जाते हैं, पैसे का लेन-देन कैसे होता है, कौन से वीपीएन, डोमेन, पेमेंट गेटवे इस्तेमाल होते हैं।
यहां बड़ी रकम का लेन-देन देखकर, उसे ‘शॉर्टकट’ पैसे कमाने की लालसा पैदा हुई। इसी से उसने अपना खुद का सेटअप लगाने का फैसला किया। इस काम के लिए, उसने लेन-देन के लिए 2.5 लाख रुपए उधार भी लिए थे।
प्रमुख आरोपी पचलोरे ने बिजनेस सेट अप करने के लिए पार्टनर ढूंढने में तीन महीने लगाए, उसे छत्तीसगढ़ में रहने वाले राहुल इनसेना, सूरत यादव, रोहन विशाम कुमार, शादाब खान जैसे नौजवान मिले, पचलोरे ने खुद उन्हें सभी ऑपरेशन के काम करने के तरीके सिखाए लोकल लेवल पर, टेक्निकल और ट्रांजैक्शन वाले हिस्सों को संभालने के लिए प्रणय मानकर, महेंद्र नवग्रह, प्रतीक मोरे और सौरभ महाले को जोड़ा गया।
आरोपियों ने Southbook.in’ नाम से एक पेड वेबसाइट बनाई और वेटिंग के लिए अलग-अलग स्पोर्ट्स जोड़े। उसमें क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस, बेरबॉल जैसे 40 से ज्यादा स्पोट्र्स पर ऑनलाइन बेटिंग की सुविधा दी थी, साथ ही किस्मत पर आधारित मजेदार गेम भी दिए थे, वेबसाइट को दिन-रात एक्टिव रखा जाता था और लगातार गेम अपलोड किए जाते थे।
एसपी डॉ विनय कुमार राठोड ने बताया कि इस वेबसाइट से मिले पैसे सीधे 52 अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे और फिर उसे कैश में सर्कुलेट किया गया। खास बात यह है कि यह बात सामने आई है कि इन 52 अकाउंट में से पांच छत्रपति संभाजी नगर के लोगों के हैं।
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पुलिस को शक है कि अकाउंट में पैसे आने देने के बदले में ही कुछ परसेंटेज दिया जा रहा होगा। राठौड़ ने बताया कि इस तरह से कई युवा इस चक्कर में फंस सकते हैं।
एसपी राठोड ने बताया कि ग्रामीण पुलिस ने गिरोह के सभी सदस्यों को कोर्ट में पेश करने पर उन्हें 2 दिन की पुलिस हिरासत में आदेश दिया है। यह कार्रवाई ग्रामीण के एसपी डॉ। राठोड, अतिरिक्त एसपी अन्नपुर्णा सिंह के मार्गदर्शन में एलसीबी के पीआई विजयसिंह ने की है।