Sambhajinagar के इंडस्ट्रियल सप्लायर्स संकट में, बढ़ती लागत ने बढ़ाई चिंता; कच्चे माल की भारी किल्लत
Sambhajinagar Industry: संभाजीनगर में औद्योगिक सप्लायर्स कच्चे माल की कमी, महंगाई और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, जिससे उद्योगों की आपूर्ति और कारोबार प्रभावित हो रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Industrial Suppliers Crisis( Source: Social Media )
Sambhajinagar Industrial Suppliers Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर के उद्योगों को कच्चा माल, मशीनरी च विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सप्लायर्स इस समय गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।
इंडस्ट्रियल सप्लायर्स असोसिएशन के 300 से अधिक सदस्य उद्योगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, लेकिन गैस की कमी, कच्चे माल की किल्लत और बड़ती महंगाई ने स्थिति को कठिन बना दिया है।
करीब 150 से अधिक सप्लायर्स ऐसे हैं, जिन पर आर्थिक संकट गहराने लगा है और उनके सामने रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। शहर के औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवश्यक सामग्री बड़े पैमाने पर मुंबई, पुणे, नाशिक के साथ-साथ अहमदाबाद, सूरत व दिल्ली जैसे औद्योगिक बाजारों से मंगाई जाती है।
सम्बंधित ख़बरें
कर्ज के बोझ से मिलेगी राहत, CM फडणवीस ने किसानों के लिए इतने लाख तक कृषि कर्जमाफी का किया ऐलान
एक्टर शेखर सुमन के शो के प्रोड्यूसर धर्मेश संघानी पर ED की रेड, विदेशों में छिपी संपत्तियों का खुलासा
सावधान! पंढरपुर वारी के चलते पुणे-पंढरपुर हाईवे के ट्रैफिक में बड़ा बदलाव; 10 से 15 जुलाई तक इन रास्तों का करें
Mangala Gauri Vrat : सावन के इन 4 मंगलवार में छिपा है अखंड सौभाग्य का रहस्य! अभी नोट कर लें सभी तिथियां
कुछ विशेष मशीनरी व तकनीकी उपकरण विदेशों से भी आयात किए जाते हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसी स्थिति के कारण कच्चे माल की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही परिवहन लागत भी काफी बढ़ गई है, जिससे समय पर और किफायती दरों में सामग्री उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है।
यह भी पढ़ें:-Sambhajinagar में बिजली वसूली बढ़ाने के निर्देश, महावितरण की समीक्षा बैठक, राजस्व बढ़ाने और हानि घटाने पर जोर
सरकारी हस्तक्षेप की मांग
सप्लाई चेन में आई बाधाओं का सबसे अधिक असर लघु व मध्यम उद्योगों पर पड़ रहा है, ऐसे मैं सरकार से कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने, परिवहन लागत नियंत्रित करने व सप्लायर्स को राहत देने वाली नीतियां लागू करने की मांग की जा रही है, हालांकि, माल ढुलाई के खर्च में वृद्धि के बावजूद सप्लायर्स ने उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ न डालने का निर्णय लिया है। असोसिएशन ने सेवाओं के दर में बढ़ोतरी न करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिससे उद्योगों को कुछ हद तक राहत मिलेगी।
