

Iran Israel War Impact On Ambernath MIDC: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध की तपिश अब महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंच गई है। आनंदनगर एमआईडीसी (अतिरिक्त अंबरनाथ औद्योगिक क्षेत्र) के लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थिति इस समय बेहद चिंताजनक बनी हुई है। कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों और ईंधन की भारी किल्लत ने स्थानीय कारखानों की कमर तोड़ कर रख दी है।
कंपनी मालिकों के संगठन 'एडिशनल अंबरनाथ मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन' (AAMA) के अध्यक्ष उमेश तायडे ने इस गंभीर संकट पर प्रकाश डाला है। उन्होंने ठाणे जिला उद्योग केंद्र को लिखे एक पत्र में स्पष्ट किया कि युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय आयात-निर्यात श्रृंखला पूरी तरह बाधित हो गई है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ा है, जो बेतहाशा बढ़ गई है। स्थिति इतनी विकट है कि अधिकांश कंपनियों में उत्पादन घटकर आधा (50%) रह गया है।
उद्योगपतियों ने सरकार से इस संकट की घड़ी में विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है। 'आमा' का सुझाव है कि उद्योगों को बचाने के लिए कम से कम 3 से 6 महीने के लिए जीएसटी (GST) से छूट दी जानी चाहिए। साथ ही, कंपनियों को कार्यशील पूंजी के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए ताकि ध्वस्त बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित किया जा सके और रुके हुए निवेशों को फिर से पटरी पर लाया जा सके।
सिर्फ कंपनी मालिक ही नहीं, बल्कि यहां काम करने वाले श्रमिक भी दोहरी मार झेल रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश श्रमिक अस्थायी आश्रयों में रहते हैं और खाना पकाने के लिए पूरी तरह एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं।
अनियमित गैस आपूर्ति और दस्तावेज़ीकरण की तकनीकी दिक्कतों के कारण नए गैस कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। महंगाई और चूल्हा न जल पाने की मजबूरी में श्रमिक अपने गांवों की ओर पलायन करने लगे हैं। मदूरों की कमी के कारण जो कंपनियां चालू हैं, वे भी बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि श्रमिकों को तुरंत गैस आपूर्ति और उद्योगों को आवश्यक डीजल उपलब्ध कराया जाए।