पाइपलाइन, संभाजीनगर में जल प्रौद्योगिकी पर मंथन, IWWA अधिवेशन का दूसरा दिन खास
Smart City Water: संभाजीनगर में आयोजित IWWA के 58वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन जल आपूर्ति, सीवेज प्रबंधन, पाइपलाइन डिजाइन और स्मार्ट जल तकनीकों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Indian Water Works Association: छत्रपति संभाजीनगर इंडियन बॉटर वर्क्स एसोसिएशन मुंबई केंद्र की ओर से छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित 58वें वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन का दूसरा दिन विविध तकनीकी सत्रों, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आधुनिक जल प्रौद्योगिकी के प्रत्यक्ष प्रात्यक्षिकों के कारण विशेष रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्लेनरी सत्र-III से हुई, जिसमें जलापूर्ति सुरंगों, पाइपलाइन डिजाइन, पंपिंग सिस्टम, पाइपलाइन में जंग (कॉरोजन) तथा उसके निवारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। इस सत्र में इंजीनियर रमेश बंबाले, डॉ. रघुवीर राव, इंजीनियर बुद्धदेव दुआरी और इंजीनियर परिमल निकम ने अपने अनुभव और शोध प्रस्तुत किए।
इसके बाद आयोजित तकनीकी सत्र-11 में जलापूर्ति और सीवेज प्रबंधन की चुनौतियों, आर्थिक रूप से सक्षम आधारभूत परियोजनाओं, नैनो-कैविटेशन तकनीक, स्मार्ट सिटी के लिए IoT आधारित जल प्रबंधन तथा कुशल जलापूर्ति प्रणालियों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra Digital Census: महाराष्ट्र में 1 मई से डिजिटल जनगणना शुरू, पहली बार पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया
Ashok Kharat Case पर CM फडणवीस का बड़ा बयान, ‘खुलासा किया तो कई लोग बेनकाब होंगे’
1 मई को क्यों मनाया जाता है महाराष्ट्र दिवस? छत्रपति शिवाजी महाराज का स्वराज्य कैसे बना देश का महानतम राज्य
Maharashtra 1960 vs 2026: क्या बदला, क्या नहीं? जानिए महाराष्ट्र कैसे बना भारत का ग्रोथ इंजन और अब आगे क्या
सामुदायिक सहभागिता के अनुभव का निर्माण
- दोपहर के तकनीकी सत्र-III में अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन और जल क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर विस्तार से प्रस्तुतिया दी गई।
- विभिन्न केस स्टडी और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से विषयों को प्रभावी ढंग से रखा गया
शाम के सत्र में फेरी-सीमेट जल भंडारण टंकी के निर्माण का प्रत्यक्ष प्रात्यक्षिक आयोजित किया गया, जिसे विद्यार्थियों और पेशेवरों की बडी भागीदारी मिली।
यह भी पढ़ें:-ब्रेकर से सड़क तोड़ने पर ठेकेदार पर जुर्माना, संभाजीनगर में सड़क तोड़ने पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
- इसके बाद प्लेनरी सत्र-IV में बायो-इलेट्रिक शौचालय, विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट, नेट-जीरो वॉटर अवधारणा, डिजिटल ट्विन तकनीक तथा सॉफ्ट वॉटर के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
- अधिवेशन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी, अभियंता, शोधकर्ता, प्राध्यापक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिभागियों ने जल प्रबंधन में सतत विकास, नवाचार और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए इस अधिवेशन को अत्यंत उपयोगी बताया।
- अधिवेशन का अंतिम दिन शनिवार, 24 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमे दोपहर के सत्र में समारोप (वैलेडिक्टरी फंक्शन) कार्यक्रम होगा।
