

IWWA Conference National Water Council: छत्रपति संभाजीनगर जल प्रबंधन, नदी संरक्षण और भविष्य की जल चुनौतियों पर मंथन के लिए भारतीय जल कार्य संघटना (आईडब्ल्यूडब्ल्यूए) की 58वीं राष्ट्रीय वार्षिक जल परिषद का गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर स्थित एमआईटी परिसर में शुभारंभ हुआ।
देश के विभिन्न राज्यों से आए जल विशेषज्ञों, अभियंताओं और प्रशासकीय अधिकारियों की बड़ी उपस्थिति के कारण इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की व्यापक पहचान मिली है। राष्ट्रीय परिषद का उद्घाटन विभागीय आयुक्त तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जितेंद्र पापलकर के हाथों संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रभावी जल प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक के साथ मजबूत प्रशासकीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है। भविष्य में बढ़ती जल समस्याओं से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर शोध और नवाचार को भी प्राथमिकता देनी होगी।
कार्यक्रम के सम्माननीय अतिथि जी. श्रीकांत ने कहा कि तकनीक या ज्ञान की कमी के कारण किसी भी नागरिक का जीवन खतरे में नहीं पड़ना चाहिए। प्रत्येक अभियंता को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज नदियों की ओर उपेक्षा बढ़ रही है। तकनीक सुविधा बने, अभिशाप नहीं, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।
एमआईटी समूह के डायरेक्टर जनरल प्रा। मुनिश शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक क्षेत्रीय अनुभव मिलना चाहिए, जिससे वे व्यावहारिक चुनौतियों का बेहतर समाधान कर सकें, इस अवसर पर महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य अभियंता मनीषा पलांडे को देश की पहली आईडब्ल्यूडब्ल्यूए महिला अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम डॉ. वाय. ए. कवाडे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान डॉ. प्रशांत अवसरमल, डॉ. उल्लास नाईक, प्रमोद दलवी सहित अनेक मान्यवर उपस्थित रहे। संचालन डॉ. उल्लाहास नाईक ने किया, आभार डॉ. प्रशांत अवसरमल ने माना।