छत्रपति संभाजीनगर के गांव में इनोवेशन सेंटर, शिक्षा में नया प्रयोग; STEM लैब से बढ़ेगी सृजनशीलता
Sambhajinagar STEM Lab: छत्रपति संभाजीनगर के डोरेगांव में STEM लैब शुरू, डिजिटल इक्विलाइजर कार्यक्रम के तहत ग्रामीण छात्रों को आधुनिक विज्ञान-तकनीक शिक्षा व प्रायोगिक सीखने का अवसर मिलेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Rural Education( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Rural Education: छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में उम्दा स्तर की शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। गंगापुर तहसील के डोरेगांव स्थित जिला परिषद केंद्रीय प्राथमिक शाला में अत्याधुनिक स्टेम इनोवेशन एंड लर्निंग सेंटर (स्टेम लैब) शुरू किया गया है।
इसके चलते ढोरगांव व आस-पास के ग्रामीण विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी आधारित आधुनिक शिक्षा व सृजनशीलता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।
अटलाशियन फाउंडेशन व अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन की ओर से डिजिटल इक्विलाइजर कार्यक्रम के अंतर्गत यह केंद्र शहर के पदमपुरा स्थित जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था से डोरेगांव में स्थानांतरित किया गया है।
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जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य राजेंद्र कांबले इस बारे में अधिकृत पत्र जारी किया है। इससे ग्रामीण परिक्षेत्र के विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी व गणित क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा में बड़े मौके मिलने के साथ ही प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेंगे। इससे यह कहना गलत नहीं रहेगा कि शिक्षा में नावीन्यपूर्ण व प्रयोगशील पर्व की शुरुआत हो गई है।
प्रयोगों के जरिए सिखने का अब मिलेगा मौका
स्टेम लैब में रोबोटिक्स, कोडिंग, एक्सपेरिमेंटल साइंस व 21वीं सदी के जीवन कौशल पर आधारित उपक्रम कार्यान्वित किए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों में अनुसंधान व नवोपक्रमों की रुचि निर्माण की जाएगी। इस पहल से विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष प्रयोगों के जरिए सिखने का मौका मिलेगा।
प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता पर दिया जोर
स्कूल का स्तर, 300 से अधिक विद्यार्थी संख्या, स्वतंत्र जगह, स्कूल के केंद्र में होने से क्षेत्र के अन्य स्कूलों को होने वाले लाभ, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता व मांग को देखते हुए स्थानांतरण का फैसला किया गया।
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इसमें जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य राजेंद्र कांबले, शिक्षणाधिकारी जयश्री चव्हाण, अधिव्याख्याता डॉ. मंजूषा क्षीरसागर, सुजाता भालेराव, गटशिक्षणाधिकारी अरविंद कापसे, अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के कार्यक्रम अधिकारी श्याम उगले, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ। शशिकांत शेजुल का अहम योगदान रहा।
