सम्मान की कमी...राज ठाकरे को लगा बढ़ा झटका, प्रकाश महाजन ने छोड़ी पार्टी

Prakash Mahajan: मनसे प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने सम्मान की कमी और उपेक्षा का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दिया, कहा—हिंदुत्व ही एकमात्र भावना थी, पर योगदान के बाद भी अनदेखा किया गया।
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राज ठाकरे, प्रकाश महाजन (Image- Social Media)
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Maharashtra News: 13 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। महाजन ने कहा कि उन्हें कम से कम आकांक्षाओं के बावजूद "अनदेखा" किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के भाई प्रकाश महाजन ने एक वीडियो संदेश में अपने फैसले की घोषणा की।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उनके काम के लिए उन्हें कभी प्रशंसा नहीं मिली, बल्कि उन गलतियों के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया जो उन्होंने कभी की ही नहीं। उन्होंने अपने इस कदम के लिए राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे में "सम्मान की कमी" को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनकी किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की कोई योजना नहीं है।

हिंदुत्व की रक्षा ही एकमात्र भावना

वीडियो में उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों से मुझे लग रहा था कि कहीं न कहीं रुकना जरूरी है। दरअसल, पहलगाम की घटना के बाद मुझे रुक जाना चाहिए था। लेकिन उस समय मुझे लगा कि हालात सुधर जाएंगे। निजी तौर पर कहूं तो मेरी उम्मीदें सीमित हैं। मैं जिस भी पार्टी में रहा, मुझे न कभी चुनाव लड़ने की इच्छा हुई और न ही कोई पद। हिंदुत्व की रक्षा ही मेरी एकमात्र भावना थी। लेकिन आकांक्षाएं कम रखने के बावजूद, मुझे बहुत नजरअंदाज किया गया।”

उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान मुझसे कभी सलाह नहीं ली गई। विधानसभा चुनाव के दौरान मुझे सिर्फ प्रचार के लिए इस्तेमाल किया गया। मैंने दी गई जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाया। मुझे मेरे काम के लिए कभी प्रशंसा नहीं मिली, बल्कि उन गलतियों के लिए मुझे दोषी ठहराया गया जो मैंने कभी की ही नहीं थीं।”

उन्होंने कहा, “लेकिन मैं मनसे नेता अमित ठाकरे से माफी मांगता हूं। मैंने उनसे वादा किया था कि मैं न सिर्फ़ उनके साथ, बल्कि उनके बेटे के साथ भी काम करूंगा। लेकिन दुर्भाग्य से हालात ऐसे हैं कि मैं अपना वादा नहीं निभा पा रहा हूं। कभी-कभी इंसान को वो नहीं मिलता जिसका वह हकदार होता है और ये किस्मत की बात है।” महाजन ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा' से बात करते हुए कहा कि उन्होंने बढ़ती उम्र और पार्टी में सम्मान की कमी के कारण पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। -एजेंसी इनपुट के साथ

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