Chhatrapati Sambhajinagar Prakash Ambedkar Politics Protest ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Prakash Ambedkar Politics Protest: छत्रपति संभाजीनगर वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष एड। प्रकाश आंबेडकर ने घोषणा की है कि 23 मार्च को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय की ओर मार्च निकाला जाएगा, इस आंदोलन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद से हटाने की मांग उठाई जाएगी।
आंबेडकर ने दावा किया कि इस मार्च में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी तथा विभिन्न वामपंथी दलों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। शहर के सुभेदारी विश्रामगृह में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रकाश आंबेडकर ने यह जानकारी दी।
उन्होंने केंद्र सरकार की कई नीतियों की आलोचना करते हुए देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार हाल की कुछ घटनाओं के कारण देश की संप्रभुता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नागपुर में होने वाले इस मार्च में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी सख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रेस वार्ता में युवा नेता सुजात आंबेडकर, राज्य प्रवक्ता तय्यब जफर, नगरसेवक आकसर खान, शहर अध्यक्ष पंकज बनसोडे और युवा जिला अध्यक्ष सतीश गायकवाड उपस्थित थे।
वंचित बहुजन आघाडी की ओर से नागपुर में प्रस्तावित मार्च को लेकर राज्य भर में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है।
पार्टी नेताओं का दावा है कि विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नागपुर पहुंचेगे, आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जनमत तैयार करने का प्रयास किया जाएगा,
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दाँ पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही कुछ घटनाओं के कारण देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी उन्होंने जताई, उन्होंने कहा कि सरकार को इन विषयों पर देश के सामने पारदर्शी और स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।
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आंबेडकर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्य को लेकर प्रश्न खड़े हो रहे हैं और ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए, उन्होंने बताया कि संघ मुख्यालय के सामने मार्च निकालकर इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन के माध्यम से प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी और विभिन्न राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की जा रही है।