मुंबई के भंगार व्यापारी पर GST घोटाला, 48 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट फर्जी दावा उजागर
GST Department ने टैक्स चोरी का बहुत बड़ा मामला सामने पेश किया है। Income Tax Department ने मुंबई के एक कबाड़ के कारोबारी लवेश अग्रवाल को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी विभाग ने कर चोरी का बड़ा घोटाला उजागर करते हुए मुंबई के भंगार व्यापारी लवेश सुनीलकुमार अग्रवाल (28) को हाल ही में दबोचा है।
जांच में पता चला कि अग्रवाल ने अपनी फर्म ‘लवेश स्टील’ के जरिए 270 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन दिखाने के बाद उस आधार पर धोखाधड़ी से 48 करोड़ रुपए से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल किया। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अग्रवाल का जालना से जुड़ाव है या नहीं।
इस बीच, मुंबई के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी ने अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विभाग के अनुसार, अग्रवाल ने ऐसे आपूर्तिकर्ताओं से बिल देन पर आईटीसी का दावा किया, जिससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ। यह कृत्य एमजीएसटी, सीजीएसटी व आईजीएसटी अधिनियम 2017 के – प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
सम्बंधित ख़बरें
Screen Time Effects: आंखों से लेकर दिमाग तक, ज्यादा स्क्रीन टाइम कैसे बिगाड़ सकता है आपकी सेहत?
अजित पवार के 7 बड़े फैसले, जिन्होंने बदल दी महाराष्ट्र की राजनीति!
NEET UG 2026 परिणाम पर छत्रपति संभाजीनगर में उठे बड़े सवाल, दो छात्रों ने कम अंक आने का दावा, 23 को सुनवाई
छत्रपति संभाजीनगर: 5.96 करोड़ के सहकारी घोटाले में तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सात दिन की पुलिस हिरासत
जालना से भंगार की होती है खरीद-फरोख्त
जालना को स्टील उद्योग का प्रमुख केंद्र माना जाता है और यहां बड़ी मात्रा में भंगार की खरीद-फरोख्त होती है। स्थानीय भंगार व्यापारी स्टील उत्पादन करने वाली यूनिट्स को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में अग्रवाल का जालना से जुड़ाव है या नहीं, इस पर संदेह जताया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जीएसटी विभाग से मांग की है कि उसका शहर से कोई कनेक्शन है या नहीं।
ये भी पढ़ें :- 10वीं और 12वीं परीक्षा में उड़न दस्ते का बहाना, शिक्षक ने की प्रश्नपत्रिकाओं में हेराफेरी
जांच दल में ये रहे शामिल
यह कार्रवाई GST विभाग की सह आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार व उपायुक्त सुलभा किरण सनस-भिलारे के मार्गदर्शन में की गई जिसमी सहायक आयुक्त जितेंद्र सोनवणे, संतोषकुमार राजपूत व कर निरीक्षकों की टीम ने अहम भूमिका निभाई। विभाग का कहना है कि जांच में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
