Electricity Bill Payment (फोटो-सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Electricity Bill: छत्रपति संभाजीनगर, बिजली बिल की बकाया वसूली को लेकर महावितरण ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि बिल भुगतान के लिए दिए जाने वाले चेक यदि बाउंस होते हैं तो संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। महावितरण के अनुसार कुछ उपभोक्ता जानबूझकर बाउंस होने वाले चेक देकर कंपनी को गुमराह करते हैं और भुगतान टालने की कोशिश करते हैं।
अब ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल में हर महीने औसतन करीब 130 चेक बाउंस होने के मामले सामने आ रहे हैं। जांच में पाया गया है कि चेक पर गलत तारीख लिखना, चेक पर काट छांट होना, गलत हस्ताक्षर, खाते में पर्याप्त राशि न होना या गलत नाम लिखे जाने जैसी वजहों से चेक बाउंस हो रहे हैं।
इसके कारण बिजली बिल की वसूली समय पर नहीं हो पाती और बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए महावितरण ने ऐसे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महावितरण के अनुसार चेक बाउंस होने पर उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक दंड भी देना पड़ता है। प्रत्येक बिल के लिए 750 रुपये बैंक चार्ज और 135 रुपये जीएसटी यानी कुल 885 रुपये की राशि दंड के रूप में अगले बिल में जोड़ी जाती है।
इसके अलावा विलंब शुल्क भी अलग से लगाया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता ने एक ही चेक से कई बिजली बिलों का भुगतान किया हो और वह चेक बाउंस हो जाए तो हर बिल के लिए अलग-अलग दंड लगाया जाता है, जिससे उपभोक्ता पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है।
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता जब चेक जमा करते हैं तो उसी दिन भुगतान की रसीद दे दी जाती है, लेकिन वास्तविक भुगतान की तारीख वह मानी जाती है जिस दिन चेक की राशि बैंक खाते में जमा होती है। कई बार उपभोक्ता बिल की अंतिम तिथि से एक-दो दिन पहले चेक जमा करते हैं, लेकिन राशि देर से जमा होने के कारण बिल समय पर जमा नहीं माना जाता। इससे अगले महीने के बिल में बकाया दिखाई देता है और उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।
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महावितरण ने बताया कि अब चेक बाउंस के मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैंक से ‘चेक रिटर्न मेमी’ मिलने के बाद सबंधित उपभोक्ता को नोटिस जारी किया जाएगा। यदि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर उपभोक्त्ता बकाया राशि जमा नहीं करता है तो महावितरण की ओर से न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता के खिलाफ आपराधिक मामला चलाया जा सकता है।
महावितरण ने अपने सभी प्रादेशिक और विभागीय कार्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि बाउंस होने वाले चेक के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा सके। छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के मुख्य अभियंता पवन कुमार कछोट ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे चेक के बजाय डिजिटल माध्यम से बिजली बिल का भुगतान करें। इससे भुगतान सुरक्षित और समय पर होगा तथा चेक बाउंस होने की स्थिति में होने वाली कानूनी कार्रवाई और अतिरिक्त शुल्क से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि महावितरण बिजली बिल की वसूली को लेकर गंभीर है और जानबूझकर चेक बाउंस करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।