छत्रपति संभाजीनगर भूमि विवाद: एफआईआर दबाने की साजिश-अदालत में इम्तियाज जलील का बड़ा आरोप
AIMIM Maharashtra: प्रेस वार्ता के बाद दर्ज एफआईआर को साजिश बताते हुए इम्तियाज जलील ने कहा कि उन्होंने केवल सरकारी दस्तावेज पढ़ा था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी तय की।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Land Scam Allegation: छत्रपति संभाजीनगर पालकमंत्री और उनके पुत्र से जुड़े कथित भूमि गैरव्यवहार प्रकरण को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी को लेकर एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने मंगलवार को अदालत में गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि पत्रकार वार्ता में उन्होंने केवल एक सरकारी दस्तावेज का वाचन किया था और किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उनका कोई उद्देश्य नहीं था।
इसके बावजूद उन्हें दबाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का षड्यंत्र रचा गया। यह सुनवाई मंगलवार की दोपहर जिला न्यायालय में अप्पर सत्र न्यायाधीश रा. दा. पाटील की अदालत में हुई।
सरकारी वकील सतीश मुंदवाडकर ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता का पक्ष सुने बिना मामले में कोई निर्णय न लिया जाए, इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित की।
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बेगमपुरा व क्रांति चौक पुलिस थानों में केस दर्ज
पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ बेगमपुरा और क्रांति चौक पुलिस थानों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार प्रतिबंधक अधिनियम के तहत अगस्त माह में अपराध दर्ज किया गया था। मंगलवार को हुई सुनवाई नै पार्टी इन पर्सन के रूप में इम्तियाज जलील ने स्वयं करीब 20 मिनट तक युक्तिवाद किया।
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उन्होंने ‘माझादेवी बनाम ओंकारदीप अहलुवालिया’ सहित अन्य न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया, साथ ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य के समाज कल्याण मंत्रालय को भेजे गए पत्र में उल्लेखित प्रतिबंधित शब्दों की सूची न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि शिकायतों में उनके धर्म का उल्लेख किया गया है, जो दर्भावनापूर्ण मंशा को दर्शाता है
