ईंधन बचत के लिए संभाजीनगर मनपा का नो डीजल डेए महापौर ई-स्कूटर पर, तो आयुक्त साइकिल चलाकर पहुँचे ऑफिस
Fuel Saving Initiative: ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए छत्रपति संभाजीनगर मनपा के अधिकारियों ने अनोखी पहल की। महापौर ई-स्कूटर, सभापति ई-कार और आयुक्त साइकिल से कार्यालय पहुँचे।
- Written By: गोरक्ष पोफली
ई बाईक व सोइकिल से मनपा पहुंचते समीर राजूरकर व अमोल येडगे (सोर्स: फाइल फोटो)
Chhatrapati Sambhajinagar MC Fuel Saving Initiative: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए ईंधन बचत के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने सोमवार को एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। महानगरपालिका के इतिहास में शायद यह पहला मौका था जब मुख्यालय के सामने सरकारी डीजल गाड़ियों का जमावड़ा नहीं, बल्कि साइकिलों और इलेक्ट्रिक वाहनों की कतारें नजर आईं। पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से 18 मई को पूरे मनपा प्रशासन ने ‘नो डीजल डे’ के रूप में मनाया।
पदाधिकारियों का इको-फ्रेंडली सफर
सोमवार सुबह जब शहर की सड़कें व्यस्त थीं, तब महापौर समीर राजूरकर अपनी चमकती ई-स्कूटर पर सवार होकर मनपा मुख्यालय पहुँचे। उनके पीछे स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये अपनी ई-कार से कार्यालय पहुँचे। पदाधिकारियों के इस सादगी भरे और पर्यावरण अनुकूल व्यवहार ने वहाँ मौजूद कर्मचारियों और नागरिकों को अचंभित कर दिया।
साइकिल पर सवार दिखे आयुक्त अमोल येडगे
इस पूरी मुहिम के सूत्रधार रहे मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने शब्दों से अधिक अपने कार्यों से संदेश दिया। वे स्वयं अपने आवास से मुख्यालय तक साइकिल चलाकर पहुँचे। आयुक्त को साइकिल चलाते देख सड़कों पर चल रहे नागरिक भी रुक गए। आयुक्त ने इस माध्यम से संदेश दिया कि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए साइकिल एक बेहतरीन विकल्प है।
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आदेश का कड़ाई से पालन
आयुक्त द्वारा पहले ही यह निर्देश जारी किए गए थे कि 18 मई को कोई भी अधिकारी शासकीय डीजल वाहन का उपयोग नहीं करेगा। इस आदेश का असर जमीनी स्तर पर दिखा। अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटील अपने अंगरक्षक के साथ निजी दोपहिया वाहन से कार्यालय पहुँचे। वहीं, अन्य विभाग प्रमुखों ने भी बस, निजी साइकिल या पैदल चलकर दफ्तर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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जरूरी दौरों के लिए विशेष व्यवस्था
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि काम प्रभावित न हो। जिन अधिकारियों को फील्ड विजिट पर जाना अनिवार्य था, उन्हें आयुक्त की पूर्व अनुमति के बाद मुख्यालय द्वारा ई-कार उपलब्ध कराई गई थी। इस व्यवस्था से यह संदेश गया कि आधुनिक तकनीक (Electric Vehicles) का उपयोग कर पर्यावरण को बचाया जा सकता है।
नागरिकों में सकारात्मक संदेश
महानगरपालिका के इस कदम की शहर भर में सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि जब शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह की पहल करते हैं, तो आम जनता में भी नियमों के पालन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। मनपा प्रशासन का यह ‘पॉजिटिव’ उपक्रम आने वाले समय में अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
