120 फ्रेम्स, 72 संग्राहक: ‘CSNPEX 2026’ में दिखा 1840 से 2025 तक डाक टिकटों का ऐतिहासिक सफर
Sambhajinagar CSNPEX 2026: छत्रपति संभाजीनगर में ‘CSNPEX 2026’ प्रदर्शनी में 1840 के ‘पेनी ब्लैक’ से लेकर 2025 तक के डाक टिकटों का सफर दिखाया गया। 72 संग्राहकों ने 120 फ्रेम्स में संग्रह रखा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Stamp Exhibition India: छत्रपति संभाजीनगर भारतीय डाक विभाग की ओर से ‘सीएसएनपेक्स 2026 डाक टिकटों की अनोखी प्रदर्शनी का आयोजन कैलाश शिल्प में किया गया। करीब 22 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित इस प्रदर्शनी में 1840 में इंग्लैंड में जारी दुनिया का पहला डाक टिकट ‘पेनी ब्लैक’ से लेकर वर्ष 2025 तक के डाक टिकटों का ऐतिहासिक सफर प्रस्तुत किया गया।
राज्यभर से 72 डाक टिकट संग्राहकों ने भाग लेते हुए 120 फ्रेम्स में अपने संग्रह प्रदर्शित किए। शहर के 50 स्कूलों के एक हजार से अधिक छात्रों ने इसका अवलोकन किया, बड़ी संख्या में डाक टिकट प्रेमियों ने दौरा कर संतोष व्यक्त किया। छात्रों के लिए प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, निबंध व लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, विजेताओ को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी के पहले दिन जैन महासभा एलोरा गुफाएं तथा दूसरे दिन बीबी का मकबरा विषय पर विशेष कैंसलेशन पोस्टकार्ड व लिफाफे जारी किए गए। इनका डिजाइन डाक टिकट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता दीपक मोदी ने तैयार किया था, ये विशेष पोस्टकार्ड व लिफाफे बच्चों को भेंट स्वरूप दिए गए।
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राज्य की विभिन्न डाक टिकट प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके किशोर चारधे ने रजत व कांस्य पदक हासिल किए। इस आयोजन में पोस्टल सर्विसेस के निदेशक डॉ. अजिंक्य काले, वरिष्ठ अधीक्षक जी हरिप्रसाद, निरीक्षक निवृत्ती तोडकर सहित अधिकारियों ने विशेष परिश्रम लिया। सहायक अधीक्षक सुनील मामिडवार, सुनील कोल्हे, संजय पाटिल, प्रकाश अहिरे व योगेश इंगले योगदान दिया।
दुर्लभ टिकट व सिक्के बैने आकर्षण का केंद्र
वरिष्ठ कलाकार कोटींकर ने अब तक स्कूलों, कॉलेजों, महा-एक्सपो व अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलनों के माध्यम से अपने दुर्लभडाक टिकटों व सिक्कों की निः शुल्क प्रदर्शनी लगभग चार लाख लोगों को दिखाई है।
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महात्मा गांधी से सबंधित संग्रह को रजत पदका से सम्मानित किया गया, जबकि उनके पुत्र स्वप्निल को विश्व के विभिन्न देशों के दुर्लभ डाक टिकटों के प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक प्रदान किया गया, डाक विभाग के मार्केटिंग मैनेजर सहदेव सातपुते व कोटींकर ने कई स्कूलों में जाकर इस आयोजन की जानकारी दी थी।
