20 साल पुराने बीएसएनएल बिल घोटाले में बड़ा फैसला, 7 आरोपी दोषी, CBI कोर्ट ने सुनाई सजा
Sambhajinagar BSNL Scam: बीएसएनएल टेलीफोन बिल छपाई ठेका घोटाले में CBI की विशेष अदालत ने 7 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। इसे जानबूझकर की गई धोखाधड़ी करार दिया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar CBI Special Court: छत्रपति संभाजीनगर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के टेलीफोन बिल छपाई ठेके में 2000 में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में सीबीआई के विशेष न्यायालय का बड़ा फैसला आया है।
न्यायाधीश संजय के। कुलकर्णी ने 7 आरोपियों को दोषी करार देते हुए कारावास व दंड की सजा सुनाई, इनमें बीएसएनएल के पूर्व महाप्रबंधक दर्शनकुमार खन्ना के अलावा निदेशक (वित्त) गणपत भोकारे, दानिश भगत, रोहन वैद्य, कार्तिक आरके शाहनी व रोहित गुप्ता शामिल हैं।
बीएसएनएल के शहर स्थित कार्यालय में टेलीफोन बिल छपाई के ठेके में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। वर्ष 2000 में सीबीआई ने जांच में पाया कि पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने जेरॉक्स मॉडिकॉर्प लिमिटेड अधिकारियों के साथ मिलीभगत करते हुए निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया।
सम्बंधित ख़बरें
गंभीर अपराध की आशंका, अमरावती में तलवार लेकर घूमते युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
भंडारा के परियोजनाओं में महज 18.91% पानी शेष, खरीफ फसलों पर मंडराया सूखा संकट, खरीफ फसल पर सूखा संकट
Amruta Fadnavis: 10,000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार! बड़ा स्टील हब बनेगा गड़चिरोली… बी. प्रभाकरन का दावा
Monsoon Update: मुंबई में मानसून का कहर, पेड़ गिरा, जलभराव से ट्रैफिक ठप, लोकल ट्रेनें प्रभावित
निजी कंपनी की आर्थिक लाभ व बीएसएनएल को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। जांच में यह भी उजागर हुआ कि ठेका देने के बदले घूस ली थी। सीबीआई की ओर से विशेष सरकारी वकील अरविंद कुमार ने न्यायालय में यह साबित किया कि महाप्रबंधक दर्शन कुमार खन्ना, निदेशक (वित्त) गणपत भोकारे व अन्य आरोपियों ने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत ली। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इसे महमज नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई धोखाधड़ी करार देते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।
इस तरह भुगतनी होगी सभी आरोपियों को सजा
न्यायालय ने पूर्व महाप्रबंधक दर्शन कुमार खन्ना को 2 वर्ष का कठोर कारावास व कुल 2 लाख रुपए दंड, निदेशक (वित्त) गणपत भौकारे को अलग-अलग धाराओं में 2 वर्ष कठोर कारावास व एक लाख रुपए दंड की सजा सुनाई गई।
यह भी पढ़ें:-वर्धा में संकट: शिक्षकों के पद खाली, जि.प. स्कूलों की हालत बदतर; शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
खन्ना, भोकारे, दानियश भगत, रोहन वैडा, कार्तिक शाहनी व रोहित गुप्ता को आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराया गया। हर आरोपी को 6 माह के कठोर कारावास व 25-25,000 रुपए दंड की सजा सुनाई गई। दंड नहीं चुकाने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा,
धोखाधड़ी मामले में सजा
धोखाधड़ी के आरोप में दानिश, रोहन, कार्तिक व गुप्ता को एक वर्ष कठोर कारावास व 50-50,000 रुपए दंड की सजा सुनाई गई है। दह न भरने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
