Nashik: 'फिर लगाएंगे टीपू सुल्तान की तस्वीर', मालेगांव उपमहापौर शान-ए-हिंद के बयान पर मचा हड़कंप

Malegaon Tipu Sultan Controversy: मालेगांव की उपमहापौर ने दोबारा टीपू सुल्तान की फोटो लगाने का ऐलान किया है। भाजपा और शिवप्रतिष्ठान ने इस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Shan-e-Hind on Tipu Sultan Controversy
Shan-e-Hind on Tipu Sultan Controversy (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Published on: 
Updated on: 

Shan-e-Hind on Tipu Sultan Controversy: महाराष्ट्र के मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात एक स्वागत सभा के दौरान मालेगाव की उपमहापौर शान-ए-हिंद द्वारा दिए गए एक बयान ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। उपमहापौर ने घोषणा की है कि जैसे ही महापौर कार्यालय के मरम्मत का काम पूरा होगा, वे टीपू सुल्तान की तस्वीर को दोबारा वहां स्थापित करेंगी।

उनके इस बयान के बाद हिंदू संगठनों और भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। विरोधियों का कहना है कि यह विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश है।

बीजेपी की चेतावनी: "लगेगी तस्वीर तो होगा आंदोलन"

भाजपा के जिला अध्यक्ष निलेश कचवे ने उपमहापौर शान-ए-हिंद के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'बालिश बुद्धि' का परिचायक बताया। कचवे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर सरकारी कार्यालय में दोबारा विवादित तस्वीर लगाई गई, तो भाजपा मालेगांव की सड़कों पर जन आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि कानून की सीमाओं का उल्लंघन कर सामाजिक विद्वेष फैलाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान का तीखा तेवर

विवाद में कूदते हुए शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान के तालुका अध्यक्ष राहुल माउली बच्छाव ने बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ हमें छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अफजल खान के वध की तस्वीर लगाने के लिए पुलिस की अनुमति लेनी पड़ती है, और दूसरी तरफ 'हिंदुओं का कत्लेआम करने वाले' टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपमहापौर ने अपनी जिद नहीं छोड़ी, तो उन्हें शहर में घूमने नहीं दिया जाएगा।

साझा महापुरुषों पर चंद्रकांत पाटिल का तर्क

महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने इस मुद्दे पर दार्शनिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम विवाद तभी खत्म होगा जब सभी समुदायों के महापुरुष साझा (कॉमन) होंगे और मातृभूमि के प्रति सम्मान एक जैसा होगा। उन्होंने कवी भूषण की पंक्तियों का हवाला देते हुए कहा कि आज हमारी संस्कृति और पहचान छत्रपति शिवाजी महाराज की वजह से सुरक्षित है। पाटिल ने सवाल उठाया कि ऐसे महापुरुषों के रहते टीपू सुल्तान को आदर्श मानने की आवश्यकता क्यों है? फिलहाल, नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी प्रोटोकॉल के तहत किन महापुरुषों की तस्वीरें लगानी चाहिए, इसकी सूची सभी को दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई तय है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com