Chhatrapati Sambhajinagar Social Media Love Trap Case ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Social Media Love Trap Case: छत्रपति संभाजीनगर सोशल मीडिया में युवा पीढ़ी कुछ इस कदर उलझ गई है कि उसे अच्छे बुरे का कुछ भी आभास नहीं रहा और वह आंखें मूंदकर अनजान लोगों पर भरोसा कर रही है।
इसकी बानगी पर्यटननगरी में देखने मिली। इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती बाद में प्रेम में बदल गई व युक्ती प्रेमी से मिलने सीधे देहरादून से छत्रपति संभाजीनगर पहुंच गई।
प्रेमी बेवफा निकला व उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया। गनीमत रही कि युवती किसी दरिंदे के हाथ नहीं लगी, अन्यथा इसकी इज्जत खतरे में पड़ जाती। प्रेमी से मुलाकात नहीं होने के चलते घबराई युवती को सेवाभावी संगठन और हसूल पुलिस की मदद से उसके घर सकुशल भेज दिया गया।
यह युवती हसूल पुलिस थाना क्षेत्र में अकेली घूमती हुई मिली। पुलिस ने पूछताछ कर उसे हसूल पुलिस थाने की निरीक्षक स्वाति केदार के सामने पेश किया।
निरीक्षक केदार ने करीब 2 घंटे तक पूछताछ की, परंतु उसने कोई जानकारी नहीं दी। महिला होने के चलते उसकी सुरक्षा को देखते हुए उसका पहले शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, घाटी में प्राथमिक किया गया, तदुपरांत उसे अस्थायी आश्रय के लिए हसूल स्थित माणुसकी वृद्ध सेवालय में रखा गया, वहां की संचालिका पूजा पंडित ने युवती को भरोसे में लेकर बातचीत करने पर उसने अपनी पूरी कहानी बताई।
इस कार्य में पुलिस निरीक्षक स्वाति केदार, पुलिस उपनिरीक्षक गणेश केदार, राकेश देशमुख, महिला हेड कांस्टेबल आशिफा पटेल, माणुसकी समूह के प्रा, शरद सोनवणे का अहम योगदान रहा।
सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया भर के लोग एक-दूसरे से जुडते हैं, लेकिन ऐसे प्लेटफॉर्म पर बने रिश्तों पर पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। आगे बढ़ने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है, क्योंकि भरोसा कम दगा ज्यादा मिलता है।
युवती का कहना था कि वह उत्तराखंड के देहरादून स्थित शमशेरगढ़ बालावाले गांव की निवासी है। कहा कि उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर एक युवक से पहचान हुई थी बाद में उनकी दोस्ती प्रेम में तब्दील हो गई।
वह उसके प्रेम में पड़कर संभाजीनगर आ गई। युवक के अपना फोन बंद करने से न वह उससे संपर्क कर सकी और न पता भी जान सकी। शहर में कोई परिचित न होने के चलते वह बेहद घबरा गई थी।
यह भी पढ़ें:–छत्रपति संभाजीनगर: होटल-मेस में घरेलू LPG उपयोग पर आपूर्ति विभाग का छापा, 76 सिलेंडर जब्त
उधर, माणुसकी सामाजिक संगठन के सुमित पंडित की पत्नी पूजा ने युवती को प्रेम के चक्कर में नहीं पहने व अजनबी लोगों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी। इसके बाद वह घर लौटने के लिए राजी हो गई।
तदुपरांत माणुसकी टीम ने हर्सल पुलिस की मदद से चितित उसके परिवार से संपर्क करने पर उनके जान में जान आई। आर्थिक व्यवस्था कन उसे सुरक्षित घर भेजा गया।