Sambhajinagar Land Transfer Survey ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Land Transfer Survey: छत्रपति संभाजीनगर जिले में वन विभाग की कुल जमीन कितनी है, उसमें से कितनी भूमि अन्य विभागों को हस्तांतरित की गई है, इसका प्रशासन की ओर से ऑडिट किया जा रहा है।
वर्ष 1980 से पहले व बाद में जिन विभागों को वन भूमि दी गई है, उन्हें उस जमीन का मूल्य चुकाना होगा। प्राप्त राशि से वन विभाग अन्य स्थान पर समान क्षेत्रफल की जमीन को वन क्षेत्र के अंतर्गत लाएगा। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें वन भूमि वापस लेने की मांग की गई है।
तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश भूषण गवई की पीठ में सुनवाई के दौरान सभी राज्यों को निर्देश दिए गए कि हस्तांतरित वन भूमि का सर्वे कर उसका मूल्यांकन किया जाए तथा संबंधित विभागों से राशि वसूल की जाए, राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी जिलाधिकारियों से निर्धारित प्रारूप में जानकारी एकत्रित करें। अगली सुनवाई मई में निर्धारित है।
1988 की राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार देश की कुल भूमि का 33 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र होना आवश्यक है। हालांकि, 2023 की भारत वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल बन क्षेत्र लगभग 21,76 प्रतिशत तथा वन एवं पेड़ मिलाकर 25.17 प्रतिशत ही है। विभिन्न कारणों से वन भूमि के हस्तांतरण के चलते वन क्षेत्र में कमी आई है, जिसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
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