प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Voting Controversy: छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया चल रही है। दूसरी तरफ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक वीडियो सामने आया है जिसमें पैठण विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना विधायक विलास भुमरे अपने बेटे के साथ वोट डालते हुए दिखा रहे हैं।
खास बात यह है कि चुनाव अधिकारी ने उनके बेटे की उंगली पर स्याही लगाई, जिसके बाद विलास भुमरे ने अपने बेटे को वोटिंग मशीन का बटन दबाने को कहा। विधायक विलास भुमरे एक जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस हरकत की वजह से विवादों में आ गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि, जब ऐसा कुछ चल रहा था, उस वक्त अधिकारियों ने बीच-बचाव क्यों नहीं किया।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक भुमरे ने कहा कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है। उन्होंने खुद वोट डाला कोई है। जिला परिषद की वोटिंग प्रक्रिया शनिवार सुबह शुरू हुई।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नेताओं ने अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल किया। इस दौरान पैठण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विलास भुमरे अपने परिवार के साथ वोट डालने के लिए पचोड़ पहुंचे।
वोट देते समय विलास भुमरे अपने बेटे को भी साथ ले गए, जब उनकी उंगली पर स्याही लगाई जा रही थी, तो उन्होंने चुनाव अधिकारी से अपने बेटे की उंगली पर भी स्याही लगाने को कहा।
ऐसे में अधिकारी ने वही किया जो विधायक ने कहा। इसके बाद विधायक भुमरे अपने बेटे को ईवीएम मशीन के पास ले गए और उससे बटन दबाने को कहा।
यह भी पढ़ें:-भंडारा में बदले सियासी समीकरण? पटोले-फुके मुलाकात चर्चा में, साकोली में नए संकेत
इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या चुने हुए प्रतिनिधि चुनावी प्रक्रिया की गंभीरता को समझते हैं। भारत का संविधान भारतीय नागरिकों को अठारह साल की उम्र में वोट देने का अधिकार देता है।