छत्रपति संभाजीनगर जलापूर्ति परियोजना में तेजी लाने की नई रणनीति, मुख्यमंत्री फडणवीस को भेजी जाएगी रिपोर्ट
Sambhajinagar Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर जलापूर्ति परियोजना को तेज करने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ेगी। मुख्य पाइपलाइन, जल शोधन संयंत्र और सड़क मरम्मत कार्यों पर प्रशासन ने फोकस बढ़ाया।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
छत्रपति संभाजीनगर जलापूर्ति परियोजना (सोर्सः डिजाइन फोटो)
Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Project: वर्षों से शहरवासियों की उम्मीदों का केंद्र बनी जलापूर्ति परियोजना को अब तेज गति से पूरा करने की दिशा में प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है। निर्माण कार्य में आ रही धीमी प्रगति को देखते हुए परियोजना में अतिरिक्त मजदूर और तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा जाएगा।
इसके आधार पर कार्यबल बढ़ाकर निर्माण की रफ्तार तेज करने की योजना बनाई गई है। यह जानकारी शुक्रवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने दी। उन्होंने बताया कि परियोजना की नियमित निगरानी की जा रही है और सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक चरण की होगी अलग निगरानी
प्रशासन ने परियोजना के सभी हिस्सों की अलग-अलग समीक्षा शुरू कर दी है। किस स्थान पर कितने कर्मचारी कार्यरत हैं और कितनी अतिरिक्त जनशक्ति की जरूरत है, इसका विस्तृत आकलन तैयार किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय बढ़ाकर लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा।
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मुख्य पाइप लाइन को समय पर चालू करने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार जुलाई के अंत तक 1500 मिलीमीटर व्यास की मुख्य पाइप लाइन चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगस्त के अंत तक 2000 मिलीमीटर व्यास की पाइप लाइन भी शुरू करने की योजना है। दोनों पाइप लाइन शुरू होने के बाद शहर के जल वितरण तंत्र को अधिक क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा और कई क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
जल उत्पादन बढ़ाने पर भी विशेष जोर
परियोजना के अंतर्गत जैकवेल, जल शोधन संयंत्र और वितरण प्रणाली को समानांतर रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य जल शोधन क्षमता को 200 एमएलडी तक पहुंचाना है। अधिकारियों का अनुमान है कि अगस्त तक अतिरिक्त जल उपलब्ध होने लगेगा, जबकि पूरी क्षमता से आपूर्ति वितरण नेटवर्क के पूर्ण होने के बाद संभव होगी।
खुदाई से प्रभावित मार्गों की होगी मरम्मत
पाइपलाइन बिछाने के कारण शहर के अनेक मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन ने इनके पुनर्निर्माण के लिए अलग वित्तीय सहायता की मांग करने का निर्णय लिया है। जिला योजना समिति और राज्य सरकार से विशेष निधि मांगी जाएगी। साथ ही परियोजना में बचने वाली राशि का उपयोग भी सड़क मरम्मत कार्यों में करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
नियमित जलापूर्ति लक्ष्य, समय सीमा पर प्रशासन का जोर
प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर को पर्याप्त मात्रा में नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिससे वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने दिए स्पष्ट निर्देश
हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जलापूर्ति परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में महानगरपालिका, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और निर्माण एजेंसी को आपसी समन्वय बढ़ाकर सभी लंबित कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए। साथ ही परियोजना की नियमित निगरानी करते हुए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देने पर भी जोर दिया गया।
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नौ जलाशयों तक पहुंचेगा पानी
1500 मिलीमीटर व्यास की मुख्य पाइप लाइन शुरू होने के बाद शहर के नौ जलाशयों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इनमें चार मौजूदा जलाशयों का उपयोग भी किया जाएगा। संभाजीनगर प्रशासन का अनुमान है कि अगस्त के अंत तक लगभग 100 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने लगेगा, जबकि शेष 100 एमएलडी जल वितरण नेटवर्क का कार्य पूरा होने के बाद शहर वासियों तक पहुंच सकेगा। इससे भविष्य में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
